संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की अनाज मंडियों में पिछले दिनों सुस्त पड़ा गेहूं का उठान अब रफ्तार पकड़ने लगा है। उठान का प्रतिशत बढ़कर 55 फीसदी तक पहुंच गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत
मिलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से मंडियों में फसल अटकी होने के कारण भुगतान में हो रही देरी अब धीरे-धीरे दूर होने लगेगी।
मंडियों में अब तक 6.97 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है। इसमें से 6.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है, जो कुल आवक का 95 प्रतिशत से अधिक है। वहीं 3.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान कर गोदामों तक पहुंचाया जा चुका है।
भुगतान में देरी से परेशान हैं किसान : नियमों के अनुसार फसल की खरीद के बाद उसका उठान होने पर ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। पिछले दिनों उठान धीमा होने से मंडियों में गेहूं की बोरियों के ढेर लग गए थे, जिससे जगह की कमी के साथ किसानों के भुगतान में भी देरी हो रही थी। अब उठान में तेजी आने से प्रशासन ने जल्द भुगतान शुरू होने का भरोसा जताया है। इस सीजन में सरकार 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद कर रही है।
खेत खाली, अब आवक में कमी
जिले के अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, जिससे मंडियों में नई आवक अब धीमी पड़ गई है। ज्यादातर किसान अपनी फसल मंडियों में ला चुके हैं। ऐसे में अब सरकारी एजेंसियों का फोकस मंडियों में पड़े गेहूं को सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाने पर है। संभावित मौसम बदलाव को देखते हुए फसल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रांसपोर्टरों को उठान कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं और मंडियों में भीड़ कम करने के लिए अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था भी की जा रही है।