कैथल। पश्चिमी विक्षोभ के चलते जिले में रात को फिर से मौसम का मिजाज बदला। इस दौरान 25-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चली। इसके साथ ही आसमान में तेज बिजली कड़की और हल्की बारिश हुई। खेतों में नमी बढ़ने की वजह से गेहूं कटाई में देरी हो रही है।
गौरतलब है कि जिलेभर में औसतन 2.71 एमएम बरसात हुई। कैथल में दो एमएम, गुहला में एक एमएम, कलायत में 07 एमएम, पूंडरी में 03 एमएम, ढांड में 02 एमएम, सीवन में 02 एमएम व राजौंद में 02 एमएम बरसात दर्ज की गई। सोमवार देर रात तेज हवाओं व बारिश के चलते न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
किसान महेंद्र, सतबीर, महाबीर, प्रदीप कुमार, साहिल चहल नरड़ ने कहा कि बरसात के चलते इस बार फसल की कटाई भी एक सप्ताह की देरी से होगी। लगातार तीन दिन से बरसात हो रही है। सभी खेतों में नमी हो गई है। इस कारण कटाई संभव नहीं है।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। प्री मानसून गतिविधियां देखने को मिल रही है। अब अप्रैल के शुरुआत में भी लगातार मौसम में बदलाव और तापमान में उतार चढ़ाव जारी है। प्री मानसून गतिविधियों के तहत बारिश और तेज गति से हवाएं, अंधड़ चलने की गतिविधियों को दर्ज किया गया है। दो अप्रैल को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिन से लेकर देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी से लेकर हल्की बारिश हुई।