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Kaithal News: महिलाओं के सम्मान, शिक्षा, और अधिकारों के लिए रहना चाहिए निरंतर प्रयासरत

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कैथल। अमर उजाला संस्थान की ओर से राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आईजी महिला कॉलेज में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधान रामबहादुर खुरानियां व प्राचार्या आरती गर्ग सहित अन्य प्रोफेसरों ने अपने विचार रखे।
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चर्चा की गई कि भारत में राष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 13 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रेरित करने का अवसर है। कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान राम बहादुर खुरानिया ने बताया कि महिला दिवस महिलाओं को प्रेरित करने का जरिया है। महिला दिवस याद दिलाता है कि महिलाओं के सम्मान, शिक्षा, और अधिकारों के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। आईजी महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती गर्ग कहती हैं, महिला दिवस सिर्फ एक दिन मनाने की चीज़ नहीं, बल्कि हमें हर दिन महिलाओं के योगदान को पहचानना चाहिए और उन्हें समान अवसर देने चाहिए।
सायंकालीन प्रभारी श्वेता तंवर के अनुसार आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। समाज को चाहिए कि वे महिलाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग दें।

प्रोफेसर मोनिका गुगलानी का मानना है कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे महिलाएं सशक्त हो सकती हैं। हमें बेटियों को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना होगा।

प्रोफेसर सीमा सुनेजा ने बताया कि आज के मुकाबले महिलाओं की दशा में बहुत सुधार है। लेकिन लड़कियों के अभिभावकों को ओर ज्यादा जागरुक करने की जरुरत हैं क्यों की वे कम उम्र में लड़कियों की शादी कर देते हैं।
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वे पूरी शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती। अगर लड़कियां जितनी ज्यादा शिक्षा ग्रहण करेगी तो वे अगली पीढी को भी शिक्षित कर पाएंगी। महिलाओं व लड़कियों को अपने अधिकारों के लिए हमेशा आगे आना चाहिए ओर उनका सही दिशा में उपयोग कर एक सही दिशा में राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए क्यों की महिलाओं के हाथ में एक नही तीन घरों का भविष्य होता है।
प्रो. दीपिका और पूजा महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देते हुए कहती हैं कि हमें अपनी बेटियों को इतना सक्षम बनाना चाहिए कि वे हर चुनौती का सामना कर सकें। प्रो. राधा और सपना का कहना है कि सिर्फ सरकारी योजनाएं नहीं, बल्कि समाज में मानसिकता बदलने की ज़रूरत है।
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