गुहला-चीका। घग्गर नदी में जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। हालांकि बाढ़ का खतरा अभी नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रशासन ने 20 हजार बैग नदी के कमजोर तटबंध के लिए स्टोर कर लिए हैं। इसके साथ ही सभी टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है। वहीं, किसान और ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गई है। सिंचाई विभाग के अजमेर मलिक ने बताया कि घग्गर नदी में फिलहाल 24,394 क्यूसेक पानी का बहाव है जबकि नदी की क्षमता लगभग 45 हजार क्यूसेक पानी की है। उन्होंने बताया कि पहाड़ों में लगातार बरसात होने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा है और अभी स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने बताया कि और इसके अलावा नदी में पानी बढ़ने पर ड्रेन और नाले के जरिए पानी निकासी की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध है। फिर भी प्रशासन की टीम में मुस्तैद है और 20 हजार बैग सुरक्षा के लिए स्टोर किए गए हैं। मलिक ने बताया कि प्रशासन की टीम में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। वहीं, किसान और ग्रामीण घग्गर नदी में बढ़ रहे पानी से बहुत चिंतित है। किसान गुरजंट टटियाना ने बताया कि घग्घर नदी का पानी अगर बाहर आ जाता है तो धान की फसल खराब हो जाएगी। महंगे दाम से फसल लगाने का काम किया है। ग्रामीण बलजीत सिंह ने बताया कि हर वर्ष घग्घर का पानी गांव में घुस जाता है। कई गांव ऐसे ही जहां पानी आने से नुकसान होता है। पानी से सारी फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं गांव में भी पानी आ जायेगा जिससे कहीं आ जा भी नहीं सकेंगे। संवाद