गुहला-चीका। पानी के बिना जीवन संभव नहीं है और इसीलिए जल संरक्षण हर व्यक्ति का दायित्व है। यह बात वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल ने बीडीपीओ कार्यालय में जल संरक्षण विषय पर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में कही। वह शुक्रवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों, पंप ऑपरेटरों और आरएमई कर्मचारियों के लिए ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कार्यक्रम के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि पहले तालाब और कुएं के जरिए पीने का पानी मिलता था, लेकिन अब हर घर को नल से जल मिल रहा है। ऐसे में सबका दायित्व बनता है कि वह जल संरक्षण करें। हमें वर्षा जल संचयन की ओर तेजी के साथ कदम बढ़ाने होंगे ताकि भू-जल स्तर और नीचे न जाए। उन्होंने बताया कि शुद्ध पानी की गंधहीन, रंगहीन व स्वादहीन होना ही पहचान है। सभी लोग आने वाले समय के लिए पानी बचाएं।
इस मौके पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने संबोधित करते हुए बताया कि पृथ्वी पर 70 प्रतिशत पानी में से केवल 3 प्रतिशत से भी कम पानी पीने लायक है। इसलिए हमें पेयजल के लिए संवेदनशील व गंभीर होना जरूरी है। बीआरसी रघबीर सिंह ने ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए हरियाणा के नागरिक विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के रसायनज्ञ सुभाष चंद ने पानी की जांच के लिए फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीके) के बारे में विस्तार से जानकारी दी और पानी की गुणवत्ता के बारे में भी बताया। प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सर्टिफिकेट भी बांटे गए। क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान प्रोजेक्टर पर पानी बचाने के लघु वीडियो दिखाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में सिहाली, रत्ताखेड़ा घड़ाम, बुड्डनपुर, सरकपुर, भूसला, भागल, सींह, मैंगड़ा, मंझेडी, कसौली और बौपुर गांवों के सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों के सदस्य ने भाग लिया है। इस अवसर पर उपमंडल अभियंता गुहला श्याम लाल, एवं बीआरसी रघबीर सिंह, विष्णु शर्मा, वकील पुरी सहित अन्य उपस्थित रहे।