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Kaithal News: अविश्वास पर मतदान, अब परिणाम का इंतजार

Sat, 20 Jul 2024 06:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शुक्रवार को मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाई गई। इसके तहत 20 में से 17 जिला पार्षद मतदान के लिए पहुंचे जबकि अन्य तीन पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंचे। मतदान प्रक्रिया भले संपन्न हो गई हो लेकिन पंजाब एवं हाईकोर्ट के आदेशों के चलते इसके परिणाम पर रोक लगी है।

हालांकि पूरी प्रक्रिया में 17 जिला पार्षदों के हिस्सा लेने के चलते एकतरफा मतदान होने का अनुमान जताया जा रहा है। वहीं, इस प्रक्रिया में जजपा समर्थित अध्यक्ष दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली सहित तीन अन्य पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंचे थे।
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गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा व जजपा का गठबंधन टूटने के बाद यहां जिला परिषद अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक घमासान मचा है। इस बीच डीसी प्रशांत पंवार ने भाजपा समर्थित जिला पार्षदों की मांग पर अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 19 जुलाई को मतदान के लिए सदन की बैठक बुलाई थी परंतु इससे पहले ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया। उच्च न्यायालय ने मतदान के लिए अनुमति तो दी पर इसका परिणाम जारी करने के लिए आगामी फैसले तक रोक लगा दी है।

शुक्रवार को मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए डीसी प्रशांत पंवार के साथ एडीसी व सीईओ सी जया श्रद्धा, डिप्टी सीईओ रितू लाठर, डीडीपीओ कंवर दमन आदि अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान चौकस सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिला परिषद भवन परिसर पुलिस बल को भी तैनात किया गया था। हालांकि चुनाव के लिए मतदान से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा के पास 14 और अध्यक्ष के पास छह पार्षद हैं। वहीं, पार्षद विक्रमजीत सिंह की भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी होने के चलते उसके निलंबन के चलते वह इस प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकता था।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही हाईकोर्ट ने जिप अध्यक्ष दीपक मलिक को राहत देते हुए अविश्वास प्रस्ताव के लिए होने वाले मतदान के बाद इसका परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। इसकी जानकारी स्वयं अध्यक्ष दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली ने दी थी। अब जिला प्रशासन हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए हुए मतदान का परिणाम जारी करेगा।

चुनाव की यह प्रक्रिया अपराह्न साढ़े तीन बजे शुरू हुई थी, जो शाम करीब साढ़े चार बजे तक जारी रही। चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन मतपेटी अपने साथ ले गया।

जिला परिषद अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के लिए 19 जुलाई को मतदान की तिथि निर्धारित की गई थी। इससे पहले ही 18 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने परिणाम जारी न करने की दलील थी। इसके बाद शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया तो संपन्न करवा ली, लेकिन इसका परिणाम जारी नहीं किया गया है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेशों के तहत ही यह प्रक्रिया संपन्न करवाई है। -सी जया श्रद्धा, एडीसी व सीईओ, जिला परिषद, कैथल।
मतदान के लिए पहुंचे पार्षद
वार्ड नंबर-एक संजीव ठाकुर

वार्ड नंबर-तीन से रुमिला ढुल

वार्ड नंबर-चार से दिलबाग

वार्ड नंबर-पांच से कमलेश रानी

वार्ड नंबर-छह से अमरजीत

वार्ड नंबर-सात से कमलेश रानी

वार्ड नंबर-आठ से ममता रानी

वार्ड नंबर-नौ से देवेंद्र शर्मा

वार्ड नंबर-10 से सोनिया रानी

वार्ड नंबर-13 से जिप उपाध्यक्ष

वार्ड नंबर-14 से पिंकी रानी

वार्ड नंबर-15 से मुनीष शर्मा फरल
वार्ड नंबर-16 रितू कुमारी

वार्ड नंबर -18 से मैनेजर कश्यप

वार्ड नंबर-19 से बलजीत कौर

वार्ड नंबर-20 से सुरजीत कौर

वार्ड नंबर-21 से बलवान सिंह

इन्होंने ­नहीं लिया हिस्सा

वार्ड नंबर दो से जिला परिषद अध्यक्ष दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली

वार्ड नंबर-12 से नेहा तंवर

वार्ड-17 से आप समर्थित राकेश खानपुर

सुरक्षा थी चाक-चौबंद, बाहरी लोगों का प्रवेश किया था बंद, बस में पहुंचे पार्षद

संवाद न्यूज एजेंसी

कैथल। जिला परिषद अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा को चाक चौबंद किया गया था। इस दौरान बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद किया गया था। यहां पर मुख्य गेट पर भी पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया था।

चुनाव प्रक्रिया का समय अपराह्न तीन बजे रखा गया था। इस दौरान 14 पार्षद बस से परिसर में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि यह पार्षद पिछले एक सप्ताह से पहाड़ों की सैर के लिए गए हुए थे।

पार्षदों के मुखर होने के बाद अगले दिन ही जारी हुई नगर परिषद की सदन की बैठक की तिथि
विपक्षी पार्षदों के मुखर होने के बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने तुरंत ही सदन की बैठक की तिथि निर्धारित कर दी है। अब यह विशेष बैठक 22 जुलाई यानि सोमवार को सुबह 11 बजे होगी।

गौरतलब है कि यह बैठक पार्षदों की ओर से की गई मांग के बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने बुलाई है। इस बैठक में दो एजेंडों पर चर्चा प्रस्तावित की है। इस बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था और डॉट-डोर एजेंसी द्वारा हटाए गए कर्मचारी और नगर परिषद कैथल में विकास कार्यों को लेकर चर्चा की जाएगी। विपक्षी पार्षदों की ओर से विकास कार्याें में अनियमितता का आरोप लगाने के चलते बैठक में खूब हंगामे होने के आसार होने की संभावना है।
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पार्षदों के विरोध के चलते जुलाई में नगर परिषद की सदन की यह दूसरी बैठक होगी। इससे पहले नप में दो जुलाई को बैठक हुई थी। नगर परिषद के ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि पार्षदों ने सदन की बैठक बुलाने की मांग की थी। इस मांग पर सदन की विशेष बैठक 22 जुलाई को बुलाई गई है।
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