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प्रदर्शनकारियों ने गांव मटौर के बिजली सब स्टेशन पर छह घंटे रखी तालाबंदी

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कलायत। रात्रिकालीन बिजली कटौती के विरोध में शनिवार को मटौर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने कर्मचारियों को उपकेंद्र से बाहर निकालकर ताला जड़ दिया और बिजली निगम एवं सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजली कटौती के विरोध में तकरीबन छह घंटे तक चली तालाबंदी से बिजली महकमे में हड़कंप मच गया।
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रात्रि के समय होने वाली बिजली कटौती के विरोध में शनिवार को सुबह करीब 10 बजे ग्रामीण बिजली स्टेशन पहुंचे और बिजली संकट के विरोध में तालाबंदी का फैसला किया। दोपहर तक प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीण सब स्टेशन के दोनों गेटों पर तालाबंदी कर चाबी अपने साथ ले गए। केंद्र पर तैनात एसए संदीप कुमार, लाइनमैन कर्ण और जगदीप को बंधक बनाने के बजाय स्टेशन से बाहर कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शाम तक समस्या का हल नहीं हुआ तो बिजली स्टेशन पर निरंतर तालाबंदी रहेगी। साथ ही उन्होंने कलायत बिजली उप मंडल कार्यालय पर प्रदर्शन करने और अपने बिजली मीटरों को खंभों से उखाड़कर बिजली कार्यालय को सौंपने की चेतावनी दी। जरनैल सिंह, प्रीतम, वासुदेव, मांगे राम, राजबीर, बीरभान, शीशपाल, दिनेश, अशोक, साहिल, आशीष आदि ग्रामीणों ने कहा कि दिन में बिजली की जो व्यवस्था निगम ने बनाई है, उस पर उन्हें एतराज नहीं। जिस प्रकार रातभर उन्हें बिजली संकट से जूझना पड़ता है, उससे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बेहाल रहते हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या का हल न होने पर उन्होंने उपकेंद्र पर प्रदर्शन का निर्णय लिया। गांव मटौर में बिजली समस्या के विरोध में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सब इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह की टीम मौजूद रही। प्रदर्शनकारियों ने जिस प्रकार बिजली और पुलिसकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी, उससे सौहार्दपूर्ण माहौल में सुबह से बिजली सब स्टेशन पर लटके ताले शाम तक खुल गए।
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