संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। ढांड गांव में बिछाई गई सीवरेज पाइपलाइन के गंदे पानी की निकासी गांव चंदलाना से करने की जन स्वास्थ्य विभाग की योजना पर ग्रामीणों में रोष है। योजना की जानकारी मिलने के बाद चंदलाना के ग्रामीणों ने ग्राम सभा बुलाई। इसमें ग्रामीणों ने विचार रखते हुए प्रस्तावित पाइपलाइन का विरोध किया। इसके बाद ग्रामीण कार्यस्थल पर पहुंचे और जन स्वास्थ्य विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध-प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि ढांड गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके लिए बीडीपीओ कार्यालय चूहड़माजरा के नजदीक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले गंदे पानी की निकासी के लिए चूहड़माजरा गांव से होते हुए फरल ड्रेन तक पाइपलाइन डालने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस कार्य के लिए विभाग की ओर से बाकायदा एस्टीमेट भी पास हो चुका था।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से स्वीकृत रूट को बदलकर अब चंदलाना गांव से गंदे पानी की पाइपलाइन निकालने की योजना बनाई जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब चूहड़माजरा से होते हुए ड्रेन तक पाइपलाइन डालने का प्रस्ताव और एस्टीमेट पहले ही मंजूर हो चुका था तो रूट बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।
ग्रामीणों ने कहा कि सीवरेज लाइन में किसी कारण से लीकेज होने या सीवरेज ओवरफ्लो होने की स्थिति में गंदा पानी गांव की गलियों और सड़कों पर फैल सकता है। ग्रामीणों ने मांग की कि विभाग पहले से मंजूर ड्राइंग और प्रस्ताव के अनुसार ही सीवरेज पाइपलाइन का रूट निर्धारित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने किसी दबाव में आकर चंदलाना से पाइपलाइन निकालने का प्रयास किया तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।
डीसी के नाम थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने सरपंच की अध्यक्षता में ढांड थाना प्रभारी शक्ति सिंह को जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चंदलाना गांव से सीवरेज पाइपलाइन निकालने की योजना पर रोक लगाने और पहले से स्वीकृत रूट के अनुसार कार्य करवाने की मांग की गई। ज्ञापन की एक प्रति पुंडरी हलका विधायक सतपाल जांबा के नाम भी दी गई।
चूहड़माजरा के ग्रामीणों के विरोध के कारण बदला रूट
जन स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे पानी की निकासी के लिए मूल रूप से चूहड़माजरा गांव से होते हुए फरल ड्रेन तक पाइपलाइन डालने का एस्टीमेट तैयार किया गया था। यह रूट दूरी के लिहाज से भी कम है। विभाग के अनुसार चूहड़माजरा के ग्रामीणों के विरोध के कारण प्रस्तावित रूट में बदलाव करना पड़ा और चंदलाना से पाइपलाइन निकालने का विकल्प सामने आया। हालांकि चंदलाना के रास्ते ड्रेन तक पहुंचने में दूरी दोगुनी से भी अधिक हो जाती है, जिससे परियोजना पर सरकार को अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा।
वर्जन-
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे पानी की निकासी के लिए चूहड़माजरा गांव से होते हुए ड्रेन तक पाइपलाइन डालने का एस्टीमेट पास हो चुका है। चूहड़माजरा के ग्रामीणों के विरोध के कारण रूट में बदना पड़ा। अब चंदलाना के ग्रामीण भी प्रस्तावित रूट का विरोध कर रहे हैं। विभाग की ओर से मामले पर स्थिति के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - जगदीश, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
28 ढांड 01 चंदलाना में सीवरेज पाइपलाइन के विरोध में सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रा- फोटो : 1