गांव भूना में बैठक करते पंचायती जमीन बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य। ग्रामीण
गुहला-चीका। गांव भूना की पंचायती जमीन से जुड़े विवाद के लिए पंचायती जमीन बचाओ संघर्ष समिति बुधवार को पिहोवा चौक से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन करेगी। समिति ने मंगलवार को गांव में बैठक कर प्रदर्शन की रणनीति तैयार की। प्रदर्शन के बाद ग्रामीण उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले में एसडीएम गुहला की अदालत के आदेशों को तत्काल लागू कराने और पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने की मांग करेंगे।
पंचायती जमीन बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पंचायती जमीन के रसीद मामले के लिए ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण बुधवार को जिला सचिवालय पहुंचकर गुहला से पूर्व भाजपा विधायक कुलवंत बाजीगर के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन देकर मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जाएगी। समिति के सदस्यों का कहना है कि एसडीएम गुहला की अदालत की ओर से पारित आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए। साथ ही संबंधित पंचायती जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में नियमों की अनदेखी हुई है जिसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। संघर्ष समिति ने मामले से जुड़े गांव के सरपंच और ग्राम सचिव को निलंबित करने की मांग भी उठाई है।
ग्रामीणों के नाम पर की जाए पंचायती जमीन
ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायती जमीन उन अनुसूचित जाति वर्ग के ग्रामीणों को दी जाए, जिनके नाम पर पहले जमीन की रसीदें काटी गई थीं। समिति का कहना है कि पंचायत की जमीन का उपयोग निर्धारित नियमों और पात्र लोगों के हितों के अनुसार किया जाना चाहिए। समिति ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर ग्रामीणों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। समिति सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।समिति ने कुलवंत बाजीगर, उनकी माता भरावी देवी और कुलवंत बाजीगर के बेटे सहित संबंधित लोगों के खिलाफ फर्जीवाड़े के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
गांव भूना में बैठक करते पंचायती जमीन बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य। ग्रामीण