कैथल। साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत नागरिकों को सतर्क करते हुए अनुरोध किया गया है कि वे बकाया बिजली बिलों के संबंध में एसएमएस द्वारा कनेक्शन काटने संबंधी भेजे जा रहे फर्जी संदेशों पर कोई जानकारी साझा न करें। कारण कि इस तरह से लगातार ठगी की वारदात हो रही है।
एसपी उपासना ने बताया कि आज के समय में तकनीकी दिन प्रतिदिन बढ़ रही है, उसके फायदे भी है और नुकसान भी हैं। ऐसे में साइबर अपराधी तरह-तरह के तरीके अपनाकर लोगो को विश्वास में लेकर उनके साथ ठगी को अंजाम देते हैं। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध का एक नया चलन सामने आया है, जिसमें साइबर जालसाज बिजली बिल का भुगतान न करने का झांसा देकर लोगों को ठगने में लगे हैं। ऐसे जालसाज व्यक्तिगत और बैंकिंग डाटा चुराने व मैलवेयर इंस्टॉल करने वाले लिंक पर क्लिक करने के लिए विश्वसनीय स्रोतों से होने का दावा करते हुए टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं। ऐसे धोखेबाज पहले लक्षित फोन नंबरों पर टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं, जिसमें कहा जाता है कि आपकी बिजली काट दी जाएगी क्योंकि आपके पिछले महीने का बिल अपडेट नहीं हुआ है। दिए गए नंबर से संपर्क करने के लिए कहा जाता है। एक बार पीड़ित द्वारा दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद, जालसाज पिछले भुगतानों को सत्यापित करने के उद्देश्य से बैंक खाते के विवरण साझा करने के लिए मनाने की कोशिश करते हैं। साथ ही एनी डेस्क, टीम व्यूअर जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए भी कहा जाता है। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति दिए गए निर्देशों का पालन करके जानकारी साझा करता है, तो साइबर ठगी करने के लिए पीड़ित का बैंक खाता जालसाज के नियंत्रण में आ जाता है। नागरिकों को ऐसे जालसाजों से बेहद सावधान रहने का सुझाव देते हुए एसपी ने आमजन से आग्रह किया कि जब तक वे व्यक्ति या संगठन को अच्छी तरह से नहीं जानते, तब तक अपनी व्यक्तिगत जानकारी या फोन नंबर साझा न करें। अगर फिर भी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं तो ऐसी किसी भी घटना की शिकायत 1930 नंबर पर दर्ज करवाएं।