वैक्सीन के टोटे में जिले में टीकाकरण अभियान को पिछले कुछ दिनों में बड़ा झटका लगा है। ज्यादातर केंद्रों पर केवल 45 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों को ही वैक्सीन लगाई जा रही है। 18 से 45 वर्ष के बीच आयुवर्ग के लोगों को सेंटरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लोग सेंटरों पर तो जा रहे हैं, लेकिन टीके नहीं लगने के कारण केवल पूछताछ करके ही वापस लौट जाते हैं। इस बड़ा कारण वैक्सीन की अनुपलब्धता है। कहने को तो जिले में टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन लगवाने वालों के लिए टीके उपलब्ध ही नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग को केंद्र और राज्य की ओर से अपने-अपने स्तर पर वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाती है। इस समय केंद्र की ओर से उपलब्ध करवाई गई वैक्सीन की डोज तो विभाग के पास हैं, लेकिन राज्य की ओर से आने वाली वैक्सीन का टोटा बना हुआ है। कोविशील्ड तो इस समय नाम मात्र के लिए बची है। ऐसे में वैक्सीनेशन सेंटरों पर ड्यूटी देने वाले कर्मचारी भी वैक्सीन न होने के कारण या जल्द समाप्त होने के कारण घरों को लौट जाते हैं।
इन सेंटरों पर केवल फ्रंटलाइन वर्कर्स, हेल्थ वर्कर और 45 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों को ही वैक्सीन लग रही है। इन्हें भी ज्यादातर को कोवैक्सीन ही लगाई जा रही है।
हालांकि अब तक 1 लाख 67 हजार 306 से ज्यादा व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रशासन की ओर से लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन कई बार तो रजिस्ट्रेशन वाली साइट भी बंद रहती है।
गुरुद्वारा नीम साहिब में लगे शिविर में कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंची शीतल ने बताया कि वह पुराने अस्पताल में भी वैक्सीन लगवाने के लिए गई थी। न तो वहां वैक्सीन लग पाई। अब बिना टीकाकरण के वापस जा रही हैं।
शहरवासी युवा महिम ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से विभिन्न केंद्रों पर जाकर वैक्सीन के लिए पता कर रहा है। अभी तक कहीं वैक्सीन लगवाने का मौका नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि 18 से 45 वर्ष वालों को भी वैक्सीन लगवाने के प्रबंध जल्द पूरे करे।
डीसी सुजान सिंह यादव ने कहा कि कुछ कमी है, लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि जो लोग आ रहे हैं, उन्हें टीका लगाया जाए। डिमांड भेजी गई है। जल्द ही वैक्सीन प्राप्त हो जाएगी।