संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पशुधन संरक्षण के लिए सोमवार को 11वें एचएस-एफएमडी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ जीवीएच गुलियाना में किया गया। अभियान का शुभारंभ एडीसी डॉ. सुशील मलिक ने किया। इस अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन एवं डेयरी विभाग कैथल डॉ. सूर्य खटकड़ ने कहा कि पशुओं का टीकाकरण ही सबसे प्रभावी बचाव है।
एडीसी डॉ. सुशील मलिक ने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पशुपालन आज किसानों एवं पशुपालकों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। उन्होंने कहा कि पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखना केवल पशुपालकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह सामूहिक सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाकर इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन एवं डेयरी विभाग कैथल डॉ. सूर्य खटकड़, एसडीओ पशुपालन एवं डेयरी विभाग कैथल डॉ. ओम प्रकाश ग्रोह, वेटरनरी सर्जन डॉ. पूनम राविश, डॉ. कृष्ण सोलारा तथा डॉ. प्रवेश खटकड़ आदि मौजूद रहे।
फुट एंड माउथ डिजीज एक संक्रामक वायरल
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सूर्य खटकड़ ने बताया कि फुट एंड माउथ डिजीज संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी और अन्य दुधारू पशुओं को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि इस रोग के कारण पशुओं में तेज बुखार, मुंह और खुरों में छाले, लंगड़ापन तथा दुग्ध उत्पादन में भारी गिरावट देखने को मिलती है। उन्होंने पशुपालकों से कहा कि समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक उपाय है।