संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जवाहर पार्क स्थित बाबा शाह कमाल लाल दयाल कादरी की दरगाह पर तीन दिवसीय उर्स मेले की भव्य शुरुआत हुई, जो 30 मार्च की शाम तक चलेगा। मेले के पहले दिन स्नान के बाद वर्षों पुरानी परंपरा को निभाते हुए शीतलपुरी डेरे से आई पहली चादर बाबा निरंजन पुरी ने दरगाह पर चढ़ाई। वहीं पिहोवा से डोल ढमाकों के साथ नाचते गाते आए श्रद्धालुओं ने भी चादर चढ़ाई। उसके बाद सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा शाह कमाल की दरगाह पर माथा टेका और अपनी मन्नतें मांगी।
बाबा निरंजन पुरी ने बताया कि दशहरे के अवसर पर बाबा शाह कमाल की दरगाह से पगड़ी बाबा शीतलपुरी की समाधि पर चढ़ाने की परंपरा करीब 500 वर्षों से चली आ रही है, जो समाज में एकता का प्रतीक है।
शुक्रवार दोपहर को दरगाह प्रांगण में विशाल भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। करीब 150 सेवादार मेले में सेवा दे रहे हैं। दरगाह को कई हजार रंगीन लाइटों और दिल्ली से मंगवाए गए विभिन्न रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। पहले दिन रात में सूफी गायक हमसफर हयात निजामी और अन्य प्रसिद्ध कव्वालों ने बाबा की शान में कव्वालियां पेश कीं, जो देर रात तक चलती रही।