कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में किसान आंदोलन चल रहा है। मालगाड़िया ठप होने से पंजाब में यूरिया की सप्लाई बाधित है। गेहूं की बुआई सिर पर है, ऐसे में पंजाब के किसानों ने हरियाणा से यूरिया हासिल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
हरियाणा में पंजाब बॉर्डर पर स्थित शहरों से लोग अपने रिश्तेदारों और जानकारों के नाम से यूरिया खरीद रहे हैं। इसे लेकर हरियाणा कृषि विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने दुकानों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है, जहां से यूरिया के पंजाब जाने पर नजर रखी जा रही है।
दरअसल गेहूं की फसल में बुआई के बाद पहली बार होने वाली सिंचाई के समय यूरिया की जरूरत पड़ती है। हरियाणा और पंजाब दोनों ही राज्यों में गेहूं का खूब उत्पादन होता है। पंजाब में यूरिया की सप्लाई न होने के कारण अब पंजाब के किसानों ने हरियाणा का रुख किया है। गुहला-चीका, कैथल सहित कलायत के कई गांवों और पूंडरी तक पंजाब के किसान अपने रिश्तेदारों व जानकारों के माध्यम से यूरिया खरीदने के प्रयास कर रहा है।
कैथल जिला कृषि उपनिदेशक डा. कर्मचंद ने कहा कि पंजाब में यूरिया की किल्लत के कारण कैथल से भी यूरिया खरीदने का प्रयास किया गया, जिस कारण प्रत्येक दुकान पर कर्मचारी की तैनाती की गई है। स्थानीय किसानों की हर हाल में जरूरत पूरी की जाएगी। जिले में 70 हजार एमटी पूरे सीजन की डिमांड है, जिसमें से 50 हजार एमटी यूरिया की आवक हो चुकी है।