संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले से जुड़े दो युवकों को विदेश भेजने के नाम पर अपहरण करने और परिजनों से 80 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत पर कैथल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवकों को ईरान से छुड़वाया और सुरक्षित उनके परिवार को सौंप दिया।
एसपी उपासना ने प्रेस वार्ता में बताया कि 7 सितंबर को गांव सिसला निवासी सोमिल और जींद जिले के छातर गांव निवासी नवीन जयपुर एयरपोर्ट से ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए रवाना हुए थे। योजना के तहत उन्हें ईरान के कोनार्ट क्षेत्र में रुकवाया गया, जहां अपराधियों ने उन्हें अगवा कर लिया। यह क्षेत्र पाकिस्तान मूल के अपराधियों की गतिविधियों के लिए कुख्यात कहा जाता है।
अपराधियों ने युवकों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाने के लिए नकली ऑस्ट्रेलियाई वीजा और एयर टिकट उपलब्ध कराए थे। सौदा इस आधार पर तय हुआ कि जब दोनों युवक ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएंगे तब प्रति युवक 22 लाख रुपये दिए जाएंगे लेकिन 11 सितंबर को ही पीड़ितों के मोबाइल से परिजनों को व्हाट्सएप कॉल कर जानकारी दी गई कि दोनों का अपहरण हो चुका है और उनकी रिहाई के लिए 80 लाख रुपये की फिरौती देनी होगी।
युवकों ने सुनाई आपबीती ः रेस्क्यू के बाद सोमिल और नवीन ने बताया कि उन्हें ईरान में बंधक बनाकर रखा गया था। वहां उनके साथ मारपीट की जाती और वीडियो बनाकर परिजनों को भेजे जाते थे ताकि पैसों की मांग पूरी हो सके। उन्होंने बताया कि उन्हें खाने के नाम पर उन्हें केवल दाल दी जाती थी ताकि वे जीवित रह सकें।
करीब 40 लाख गंवा चुके ः सोमिल और नवीन को विदेश भेजने की तैयारी में उनके परिवार ने टिकट, नकली वीजा आदि पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह में पाकिस्तान और ईरान का आपराधिक नेटवर्क शामिल है। आरोपियों का मकसद युवाओं के विदेश जाने की चाहत का फायदा उठाकर मोटी रकम ऐंठना है।
भारतीय दूतावास और कैथल पुलिस ने बचाई जान
एसपी उपासना ने पत्रकारों को बताया कि साइबर टीम ने कॉल डिटेल्स और मोबाइल का आईपी एड्रेस ट्रेस किया था। इससे जानकारी मिली कि परिजनों को मिली कॉल तेहरान से की जा रही थी। इसके बाद ईरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा गया और बंधक बनाए गए दोनों युवकों को छुड़वाने की कार्रवाई शुरू की गई। 22 सितंबर को भारतीय दूतावास की मदद से दोनों युवकों को रेस्क्यू किया गया। इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
लोगों से अपील है कि अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए केवल वैध और सुरक्षित माध्यमों का ही सहारा लें। फर्जी एजेंटों और अवैध नेटवर्क पर पुलिस लगातार नजर रख रही है।
-उपासना, पुलिस अधीक्षक