संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत ने प्रतिबंधित नशीली दवाएं रखने के मामले में दो दोषियों को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को 20-20 साल कैद और दो-दो लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को छह-छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
यह मामला 30 जुलाई 2021 का है। थाना पूंडरी में एसआई राजेंद्र सिंह की शिकायत पर धारा 22सी और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। पुलिस पार्टी को उस दिन गांव हाबड़ी में सूचना मिली कि नूतन कुमार नामक लैब संचालक अपने घर पर नशीली गोलियां बेच रहा है।
पुलिस ने छापा मारकर नूतन को काबू किया। नायब तहसीलदार पूंडरी जोगिंद्र सिंह की मौजूदगी में तलाशी के दौरान उसके पास से 149 पत्तों में नशीली गोलियां बरामद हुईं। प्रत्येक पत्ते में 10-10 गोलियां थीं।
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर मंदीप मान ने फोन पर पुष्टि की कि गोलियां प्रतिबंधित हैं। पूछताछ में नूतन ने बताया कि उसने ये गोलियां सुनील कुमार निवासी गांव कुडलां, जिला करनाल से खरीदी थीं। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर चालान अदालत में पेश किया।
मामले में कुल 13 गवाहों के बयान हुए। गवाहों और सबूतों की रोशनी में अदालत ने अपने 22 पन्नों के फैसले में नूतन कुमार और सुनील कुमार दोनों को दोषी करार दिया और 20-20 साल की कैद के साथ दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।