संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। विश्व हिंदू परिषद के स्थापना उत्सव और भगवान कृष्ण की छठी के उपलक्ष्य में कलायत स्थित श्री राम लाइब्रेरी में प्रखंड बैठक का आयोजन हुआ। इसमें जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल, जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा, प्रखंड मंत्री प्रियव्रत गालब और मंदिर अर्चक पुरोहित अनिरुद्ध गौतम विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में बड़ी संख्या में युवा-युवतियों ने भागीदारी की।
बैठक को संबोधित करते हुए बीरभान निर्मल ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुंबई के पवई स्थित संदीपनी आश्रम में हुई थी। संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर, स्वामी चिन्मयानंद सहित सिख, जैन और बौद्ध धर्मगुरुओं व संतों की प्रेरणा से इसकी नींव रखी गई थी। संगठन का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के धर्म की पुनर्स्थापना और विश्वभर के हिंदुओं के कल्याण के लिए कार्य करना है। आज यह संगठन हिंदू धर्म की रक्षा करने वाला सबसे बड़ा धार्मिक संगठन बन चुका है।
निशीकांत शर्मा ने कहा कि परिषद केवल संगठन ही नहीं, बल्कि हिंदू समाज की एकजुटता और धर्मरक्षा की जीवंत पहचान है। एक कमरे से शुरू हुआ यह संगठन आज देशभर में 70 हजार से अधिक स्थानों पर कार्य कर रहा है।
प्रियव्रत गालब ने कहा कि विहिप का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना, सनातन धर्म की रक्षा करना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है। संगठन स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भी सेवा कार्य चला रहा है।
अनिरुद्ध गौतम ने चिंता जताई कि बदलते हालातों में युवा वर्ग मंदिरों से दूर हो गया है। कई युवाओं को हनुमान चालीसा तक कंठस्थ नहीं है और अधिकतर समय मोबाइल में बीत रहा है। ऐसे समय में परिषद युवाओं को धर्म और संस्कृति की ओर अग्रसर कर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि सप्ताह में कम से कम एक दिन सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता समाज में व्यसनमुक्ति अभियान, गौसंरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गांव और शहर में सेवा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाकर संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाएं। बैठक के अंत में मौजूद सभी युवाओं ने हिंदू समाज के उत्थान और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संकल्प लिया।