संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। सुबह की गश्त दौरान चौकी पूंडरी प्रभारी सहायक उप निरिक्षक रामनिवास की टीम को फतेहपुर क्षेत्र से सहमी हालात में लावारिस घूम रहे करीब 8 साल के लड़के व एक दस साल की लड़की मिली। जो मामा के गांव जाने की चाहत में रास्ता भटकने उपरांत अपने घर का अता-पता नहीं बता पा रहे थे। सहमें बच्चों द्वारा दिन भर पुलिस को छकाया गया। अंतत: निरंतर कड़ी मेहनत करते हुए शाम के समय तक पुलिस द्वारा उनके माता-पिता का पता कर लिया गया, जो दोनों बच्चे गांव हाबड़ी के रहने वाले मिले। पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह द्वारा भी चौकी प्रभारी के सराहनीय कार्य की प्रशंसा की गई।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि चौकी पूंडरी में दोनों बच्चों का चाय-बिस्किट खिलाने के बाद बच्चों को विश्वास में लिया और उनके परिजनों के बारे में पूछा। बच्चों ने हनुमान वाटिका कैथल के नजदीक रहने वाला बताया। इसके बाद पुलिस उन्हें नए रेलवे स्टेशन कैथल के पास लाई। जहां पर बच्चे कहने लगे कि वे बड़े स्टेशन के पास रहते हैं। फिर पुलिस उन्हें लेकर वहां पहुंची। यहां बच्चों ने अनाज मंडी क्षेत्र में चाय की एक दुकान नजदीक घर होने की बात कही।
इस दौरान मामा के गांव जाने की चाहत में निकले बच्चों द्वारा अपने मामा के गांव का नाम सनियाना (सुरेवाला के पास) बताया गया। इस दौरान थाना प्रबंधक शहर सब इंस्पेक्टर शिवकुमार द्वारा अपने किसी जानकार के मार्फत सनियाना में संपर्क किया गया, जहां पर व्हॉटसएप द्वारा भेजी गई बच्ची की फोटो देखकर एक महिला द्वारा बताया कि यह गांव हाबड़ी में विवाहित उसकी पुत्री की बेटी है। पुलिस द्वारा हाबड़ी में संपर्क करके अंतत: बच्चों के माता-पिता का पता लगा लिया गया तथा शाम के समय गांव के सरपंच की मौजूदगी में दोनों बच्चे उनके परिजनों को सौंप दिए।
पूंडरी चौकी में इन बच्चों से भटकने का कारण पूछा गया तो लड़के ने बताया कि उन्हें कोई अनजान व्यक्ति मोटरसाइकिल पर यह कहकर लाया कि उनकी मां का एक्सीडेंट हो गया और पूंडरी छोड़ गया। उनकी बातों पर यकीन कर पुलिस उन्हें कैथल में घूमाती रही। पुलिस इसे मानव तस्करी से भी जोड़ कर देख रही थी।