संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद की कैथल जिला टीम ने शहीदी स्मारक पर महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उधर, गांव कुतुबपुर में भी युवाओं ने कार्यक्रम आयोजित कर महाराजा सूरजमल को याद किया।
शहीदी स्मारक पर जाट समाज के सदस्यों ने पुष्प अर्पित कर हिंदू हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल के बलिदान को याद किया। सभा में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के सदस्यों ने बंदा बहादुर की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की और गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान को भी नमन किया। यह कार्यक्रम जाट समाज के एकजुटता और इतिहास की विरासत को सम्मान देने का प्रतीक बना।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष खुशी राम दलाल ने अपने समाज और आने वाली पीढ़ियों को महाराजा सूरजमल के आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. अश्वनी गोयत, निजी स्कूल संचालक संघ के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र ढुल, कुलदीप पुनिया, बलजीत नांदल मानस, अशोक गढ़ी, सुनील संधू, परमजीत भाल, राजकुमार फौजी सरपंच प्रतिनिधि माघो माजरी, दलबीर दलाल आदि मौजूद रहे।
उधर, कुतुबपुर गांव के युवाओं ने महाराजा सूरजमल के 261वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर युवा प्रदीप संधू ने बताया कि महाराजा सूरजमल का जन्म 13 फरवरी 1707 में राजस्थान के भारतपुर में हुआ। 25 दिसंबर 1763 को महाराजा सूरजमल वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने अपने कार्यकाल में 80 युद्ध लड़े और सभी में विजय प्राप्त की। वर्तमान में युवा पीढ़ी क्रिसमस पर्व मनाती है, लेकिन हमें अपने सनातन धर्म से जुड़े राजाओं के इतिहास को जरूर जानना चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व सरपंच प्यारेलाल ने महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर फूल अर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सरपंच मनिया देवी के ससुर रणधीर संधू ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर शहीद भगत सिंह क्लब के युवा राजेश, सुनील संधू, सुरजीत, नरेश संधू, रूपक संधू, अनिल संधू, पवन संधू, सुखबीर संधू, अभिषेक, अरविंद व अन्य युवा मौजूद रहे।
भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura