'मैं तहसीलदार हूं!'... लेकिन पुलिस ने नहीं मानी बात
तहसीलदार ने पुलिस टीम को अपना ओहदा बताया, लेकिन पुलिस अपनी ड्यूटी से टस से मस नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने दबाव बनाने की कोशिश भी की, लेकिन ट्रैफिक पुलिस नियमों के पालन पर अडिग रही। अंततः तहसीलदार को चालान भरना पड़ा, तब जाकर उनकी गाड़ी छोड़ी गई।
नियम तोड़ोगे तो चालान कटेगा
कैथल में रेलवे फाटक पर अकसर लोग रॉन्ग साइड से निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और हादसों का खतरा बढ़ता है। ट्रैफिक एसएचओ राजकुमार राणा ने कहा कि रेलवे फाटक पर नियम तोड़ने से हादसे बढ़ रहे हैं। इसलिए पुलिस इस इलाके में सख्त निगरानी कर रही है। कानून सबके लिए समान है, चाहे कोई भी हो। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा करें।
पहले भी कट चुके हैं अफसरों के चालान
कैथल ट्रैफिक पुलिस पहले भी रसूखदारों पर कार्रवाई कर चुकी है। कुछ समय पहले ट्रैफिक एसएचओ राजकुमार राणा ने सीआईडी डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज के बेटे का 17 हजार रुपये का चालान काटा था, जिससे पुलिस विभाग में खलबली मच गई थी। इस मामले में एसएचओ और एक सब-इंस्पेक्टर के बीच बहस तक हो गई थी।