कैथल। कुपोषण मुक्त गांव अभियान के तहत एडीसी कार्यालय में वीरवार को बैठक हुई। इस बैठक में एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने सभी चयनित 50 गांवों में बच्चों के पोषण से संबंधित जानकारी ली।
महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी सुपरवाइजरों से ग्रामीण स्तर पर किए गए प्रयास एवं कार्यों का ब्योरा लिया। एडीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश जारी किए कि वे आपसी तालमेल स्थापित कर कुपोषण मुक्त अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उन्होंने कहा कि कुपोषण एक बीमारी है, जिसको हमें अपने सफल प्रयासों से जड़ से खत्म करना है व चयनित गांवों के सभी स्कूलों में कुपोषणता से संबंधित सत्र करवाया जाएं। हमें सबसे पहले बच्चों का वजन माप तोल, खान-पान और स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करके चिकित्सीय सहायता से बच्चों को कुपोषण से बाहर लाना है।
उन्होंने सभी सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि वह सभी कुपोषित बच्चों में कुपोषणता के मूल कारणों का चिकित्सीय सहायता से पता लगाएं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीषा गागट, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी गुरजीत कौर, उप सिविल सर्जन डॉ. विकास धवन, बीआरसी संजय शर्मा आदि उपस्थित रहे। संवाद