फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: गांव सजूमा में टाइफाइड के तीन और हेपेटाइटिस-ए के दो नए केस मिले

विज्ञापन
गांव सजूमा में सर्वे के दौरान महिला से बातचीत करती स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी।
विज्ञापन
कैथल। गांव सजूमा में पानी से फैली बीमारियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। गांव में हर रोज हेपेटाइटिस ए और टायफाइड के नए केस सामने आ रहे हैं। बुधवार को लिए गए 24 सैंपल की वीरवार को रिपोर्ट आई तो टाइफाइड के तीन और हेपेटाइटिस-ए के दो नए संक्रमित और मिले। वहीं वीरवार को लिए आठ संदिग्धों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। सजूमा में अब तक 142 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा चुके हैं जिनमें से हैपेटाइटिस-ए के 37 और टाइफाइड के 16 संक्रमित अब तक मिल चुके हैं।
विज्ञापन

चिंता की बात ये है कि संक्रमितों का आंकड़ा रूकने का नाम नहीं ले रहा है और ये बढ़ता ही जा रहा है। गांव की ही एक 11 वर्षीय बच्ची की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई थी। ग्रामीणों के आरोप थे कि बच्ची की मौत गंदा पानी पीने से हुई है और जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जांच शुरू की तो हेपेटाइटिस-ए के कई मामले मिले। उसके बाद प्रशासन हरकत में आया तो जांच करने पर कई जगह से जन स्वास्थ्य विभाग की पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइन लीक मिली और कई निजी कनेक्शन में भी लीकेज पाई गई। ग्रामीणों के ये भी आरोप थे कि बोरवेल से घरों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने लायक नहीं है और गांव में लगे तीन सबमर्सिबल में से दो के तो सैंपल भी फेल मिले हैं।
1052 घरों का सर्वे, एक और लीकेज मिला
स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम और सिविल सर्जन की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र में घरों का सर्वे कर रही है। अब तक पूरे गांव का दो बार सर्वे हो चुका है और तीसरी बार सर्वे जारी है। वीरवार को 1052 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान एक नया लीकेज भी मिला जिसकी मरम्मत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से संक्रमण की रोकथाम के लिए वीरवार को 500 हैलोजन टैबलेट, 48 ओआरएस पैकेट और 28 जिंक की गोलियां वितरित की गईं। अब तक कुल 21538 हैलोजन टैबलेट, 851 ओआरएस पैकेट और 326 जिंक टैबलेट लोगों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
विज्ञापन

हेपेटाइटिस-ए के दो और टाइफाइड के तीन नए केस मिले हैं। आठ संदिग्धों के सैंपल भी वीरवार को लिए गए हैं। गांव में अब हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं और अब नए संदिग्धों में कमी आ रही है, उसके बावजूद विभाग की टीमें अगले करीब एक महीने तक गांव में डटी रहेंगी। गहन निगरानी गांव में रखी जा रही है, ताकि समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
विज्ञापन

- डॉ. रेणु चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।

गांव सजूमा में सर्वे के दौरान महिला से बातचीत करती स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें