41 गुहला चीका: बाढ़ का पानी उतरने के बाद गांव रत्ताखेड़ा के खेतों में खराब हुई धान का दृश्य। सं
गुहला-चीका। पिछले 10 दिनों से हलका के हजारों लोगों की सांसे हलक में अटकाए रखने वाले घग्गर नदी से अब धीरे धीरे पानी कम हो रहा है, जिससे लोग ने राहत की सांस ली हैं। हालांकि बुधवार शाम छह बजे टटियाना पुल पर लगे गेज अनुसार घग्गर का जलस्तर खतरे के निशान से दो इंच ऊपर बह रहा था, लेकिन खेतों में भरा बाढ़ का पानी जैसे जैसे घग्गर में वापस जा रहा है, वैसे वैसे इस पानी से हुई तबाही के निशान दिखने लगे हैं।
जिन खेतों में पिछले एक सप्ताह से बाढ़ का पानी जमा था उन खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीण मनजीत सिंह रत्ता खेड़ा, गुरप्रीत कौड़ा, महिंद्र सिंह, बलजीत सिहाली, दलीप सिंह, चरणजीत मोहनपुर, हरबंस मोहनपुर ने बताया कि पिछले दस दिनों से घग्गर में बहुत बड़ी मात्रा में पानी बह रहा है। इस पानी ने गुहला के लगभग 40 गांवों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इन किसानों ने बताया कि बाढ़ से गुहला-क्षेत्र में लगभग 10 हजार एकड़ में खड़ी धान की फसलें पूरी तरह से मारी गई है। वहीं, लगभग दो हजार एकड़ में 50 प्रतिशत तक नुकसान का अंदेशा है। संवाद