फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: सदन की बैठक में पार्षद प्रतिनिधियों को प्रवेश न देने पर हुआ विवाद

Wed, 13 Aug 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सीवन। नगर पालिका सीवन की सोमवार को हुई सदन की बैठक भारी गहमागहमी और विवाद का केंद्र बन गई, जब पार्षद प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने से रोक दिया गया। नगर पालिका सचिव दीपक कुमार ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट कहा कि सदन की बैठक में केवल निर्वाचित पार्षद ही भाग ले सकते हैं, किसी भी पार्षद के प्रतिनिधि को अनुमति नहीं है।

बैठक की शुरुआत में ही कुछ महिला पार्षदों ने आपत्ति जताई कि उन्हें विकास कार्यों की पूरी जानकारी नहीं मिलती, इसलिए उनके प्रतिनिधि (अधिकतर पति) बैठक में शामिल होकर चर्चा में भाग लें। लेकिन कुछ पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए नियमों का सख्ती से पालन करने की मांग की। आपसी बहस बढ़ने पर माहौल गरमा गया और कई महिला पार्षद बैठक से बाहर निकल गईं। उनके समर्थन में कुछ अन्य पार्षद भी बाहर आ गए।
विज्ञापन


नगर पालिका अध्यक्ष हेमलता सैनी ने कहा कि यह सदन की बैठक है और नियमों के अनुसार केवल पार्षद ही इसमें भाग ले सकते हैं। पार्षद प्रतिनिधियों को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि सभी की आपसी सहमति हो तो ही पार्षद प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल किया जा सकता है।

पार्षद विकास शर्मा ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को आरक्षण देकर चुनाव में भाग लेने का अधिकार दिया है, तो प्रक्रिया में भाग भी उन्हें ही लेना चाहिए। नियमों का पालन अनिवार्य है।

पार्षद रामदास ने दो टूक कहा कि यदि हम नियमों की अनदेखी करेंगे तो नियमों का पालन कौन करेगा? बैठक में केवल पार्षद ही शामिल हों, प्रतिनिधि नहीं। मनोनीत पार्षद बलविंदर जांगड़ा ने सुझाव दिया कि आपसी झगड़ों को छोड़कर नगर के विकास पर ध्यान दिया जाए। यदि हम पार्टीबाज़ी में फंसेंगे तो नगर का विकास पिछड़ जाएगा। बैठक में भाग लेने के नियम स्पष्ट हैं, और कार्यवाही नियमानुसार ही चलनी चाहिए।

नगर पालिका सचिव दीपक कुमार ने दोहराया कि महिला पार्षद की ओर से कोई प्रतिनिधि बैठक में भाग नहीं ले सकता। यह नियम है और इसमें किसी भी अपवाद की अनुमति नहीं है।
विज्ञापन


हलका गुहला विधायक देवेंद्र हंस ने कहा कि नगर का विकास ही सर्वोपरि है। सभी को आपसी सहमति और बिना भेदभाव के काम करना चाहिए। बैठक के अंत में विवाद तो शांत हो गया, लेकिन नियमों को लेकर पार्षदों के बीच मतभेद अब भी कायम हैं। यह मुद्दा आगे भी नगर पालिका की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें