संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में पार्किंग स्थल निर्धारित नहीं होने के कारण वाहन चालकों को मजबूरी में सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं। इससे अक्सर यातायात बाधित और जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर में गीता भवन में पार्किंग का निर्माण ज़मीन की सतह से नीचे किया गया है। इसके किनारों पर सुरक्षा के लिए रेलिंग या बाड़ नहीं लगाई गई है।
ऐसे में यह स्थिति असुरक्षित हो सकती है, खासकर अगर यह सार्वजनिक स्थान है और वाहन या पैदल चलने वालों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। पार्किंग बहुत गहरी है और किनारों पर रेलिंग नहीं है, तो वाहन गलती से नीचे गिर सकते हैं। यह पैदल चलने वालों और बच्चों के लिए भी खतरनाक है, जो अनजाने में गहराई में गिर सकते हैं।
पार्किंग में रेलिंग न होने से हादसाें की आशंका : समाजसेवी अशोक भारती, प्रवेश बंसल, राजु डोहर आदि ने कहा कि गीता भवन के पास बनी पार्किंग में रेलिंग न होने से हादसा हो सकता है। शहर में कहीं पर भी सार्वजनिक पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इस कारण लोग सड़क पर या कहीं पर भी वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं। नगर परिषद का जिला प्रशासन आज तक इस समस्या का समाधान कराने में कमजोर साबित हुआ है। अंबाला रोड, जींद रोड, करनाल रोड आदि जगह पर हर समय जाम की समस्या बनी रहती है, क्योंकि यहां पर प्रतिष्ठानों के आगे ही वाहन सड़क पर खड़े हाेते हैं। इससे सड़क संकरी पड़ जाती है तो जाम लगना स्वाभाविक है। शहर के पुराने बस स्टैंड की 43 कनाल 10 मरले जगह पर बन रहा सिटी स्क्वायर का प्रोजेक्ट सिरे चढ़ने का नाम नहीं ले रहा है। नगर परिषद की ओर से टेंडर लगाने के लिए मुख्यालय भेजी गई फाइल रिजेक्ट हो गई है। अब फाइल को दोबारा से तैयार करके भेजा जाएगा। ताकि टेंडर कराकर कार्य शुरू कराया जा सके।
सड़कों ंपर खड़े वाहन
अमन, सुरेश, बलदेव का कहना है कि अस्पतालों के आसपास, सरकारी दफ्तरों के पास और मुख्य सड़कों पर रोजाना इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है। सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े होने से मार्ग संकरा हो जाता है और एक समय में केवल एक ही दिशा से वाहन निकल पाते हैं। कई बार एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे नाराज़गी है।