कैथल। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शहर के सार्वजनिक स्थानों पर प्यास बुझाने के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। उपायुक्त ने इस संबंध में 30 अप्रैल को बैठक लेकर अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। डीसी के आदेश के बाद भी शहर के रेलवे स्टेशन और चाैकों के अलावा अन्य स्थानों पर पानी की व्यवस्था नहीं की गई। हालांकि बस स्टैंड और नागरिक अस्पताल में ठंडा पानी मिला।
जानकारी के अनुसार शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों, मुख्य बाजार और तलाई बाजार में रोजाना हजारों लोग अपने काम और खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इन लोगों के लिए प्रशासन की बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पड़ताल में रेलवे स्टेशन पर भी मुसाफिरों के लिए ठंडे पानी की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है, केवल टोंटी से गर्म पानी आ रहा है। वहीं शहर में पेहोवा चौक को छोड़ कर किसी भी चौक पर पानी नहीं मिला।
राहगीर बाजार से बोतल खरीद कर बुझा रहे प्यास :सरकारी प्याऊ न होने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। जो मजदूर या राहगीर सार्वजनिक प्याऊ पर निर्भर थे, उन्हें अब मजबूरी में 20 से 30 रुपये खर्च कर पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं।
दुकानों पर पानी की बोतलों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है, जो सीधे तौर पर नगर परिषद और जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का प्रमाण है।
बता दें कि हाल ही में जिला उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी कि शहर के मुख्य चौकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में वॉटर कूलर और मटकों की व्यवस्था की जाए। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की व्यवस्था का काम विभाग का नहीं है। उनके पास पानी की आपूर्ति पूरी है। जाे शहर के विभिन्न हिस्सों में सुचारु सप्लाई किया जा रहा है। संवाद
कैथल के पिहोवा चौक पर की गई पानी की व्यवस्था में मटकों से पानी लेता व्यक्ति। संवाद
कैथल के पिहोवा चौक पर की गई पानी की व्यवस्था में मटकों से पानी लेता व्यक्ति। संवाद