संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढांड में लैब तकनीशियन मौजूद है, बावजूद इसके मरीजों के रक्त के नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष है। वे बोले- पर्ची बनाने के लिए इंतजार करने के बावजूद जांच करने से लैब तकनीशियन ने साफ इन्कार कर दिया।
मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढांड में मरीज अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए आए। पहले तो उन्हें पंजीकरण करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। जब उनका पंजीकरण हुआ तो लैब में अपने रक्त के नमूनों की जांच की लिए पहुंचे तो लैब तकनीशियन ने उनके रक्त के नमूनों की जांच नही की।
83 वर्षीय रघबीर सिंह व अन्य ने बताया कि उन्हें शुगर की जांच करवानी थी। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढांड में पर्ची बनवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। जब उनकी पर्ची बन गई तो लैब में मौजूद तकनीशियन ने उन्हें कहा कि आज जांच नही हो सकती। आज मेरे पास काम ज्यादा है और मैं व्यस्त हूं। बुजुर्गों ने कहा कि हम तो काफी दूर से आए हैं। बार-बार आना जाना मुश्किल होता है तो लैब तकनीशियन ने कहा कि ज्यादा इमरजेंसी है तो पूंडरी, रसीना या कैथल जाकर जांच करवा लो।
मरीजों का कहना है कि सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नाराजगी जताते हुए उनका कहना था कि दिखावे के लिए खोली गई लैब को प्रशासन बंद कर दे ताकि लोगों को यहां आकर अपना समय बर्बाद ना करना पड़े। उनका कहना है कि लैब तकनीशियन ने जानबूझ बूझकर उनके शूगर की जांच नहीं की ताकि मजबूर होकर प्राइवेट लैब में जांच करवा लें।
टीबी के ज्यादा सैंपल आए
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढांड में तैनात लैब तकनीशियन लैब तकनीशियन प्रियंका ने कहा कि उनके पास टीबी के ज्यादा सैंपल आए हुए थे। जिनकी जांच करनी है इसलिए वह मंगलवार को अन्य किसी प्रकार के रक्त के नमूनों की जांच नहीं कर सकी। किसी को ज्यादा इमरजेंसी है तो कही ओर से जांच करवा सकते हैं। दंत चिकित्सक विकास सैनी ने बताया कि मंगलवार को 3 बजे तक 41 मरीज आए जिनमें से पांच मरीज शुगर की जांच के लिए आए। सिविल सर्जन डाॅ. रेणु चावला ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। सरकारी लैब में मरीजों की जांच ना करना और उन्हें ऐसा कहना है कि इमरजेंसी है तो बाहर से करवा लो मामले की जांच की जाएगी। अगर सही पाया गया तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।