कैथल के अंबाला रोड से होकर गुजरते वाहन चालक।
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कैथल जिले में मौसम लगातार बदल रहा है। अब दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर साफ महसूस होने लगा है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम में आए इस बदलाव का एक बड़ा कारण हवाओं की रफ्तार में कमी आना माना जा रहा है। धीमी हवाओं के कारण वातावरण में गर्मी अधिक देर तक बनी रहती है, जिससे रात के समय भी राहत नहीं मिल पा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई और जून के महीनों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को अभी से सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। इस समय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम हो गया है, जिसके कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है। विदित रहे कि इस बार मार्च में भी सुबह ठंड अहसास करवा रही थी। जनवरी व फरवरी में दिन में ठंड रही। ठंड के कारण गेहूं की पैदावार भी अच्छी निकल रही है, इससे किसानों के चेहर पर भी खुशी लौट आई है। संवाद
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डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने की दी सलाह
डॉक्टर मीनाक्षी गोयल ने बताया कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अधिक गर्मी और पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। साथ ही, दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और हल्के, ढीले कपड़े पहने।
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अब गर्मी सताएगी: रमेश चंद्र
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्यवक रमेश चंद्र ने बताया कि अब आने वाले दिनों में गर्मी सताएगी। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में रोजाना बढ़ोतरी होगी। किसान अपनी ज्वार की फसल के लिए सिंचाई कर सकते हैं। गेहूं के बाद खाली हुए खेतों में ढैंचा व मूंग की बिजाई कर सकते हैं। सब्जियों की फसल में सिंचाई समय पर करें और गर्म हवाओं से बचाव के उपाय अपनाएं। II
कैथल के अंबाला रोड से होकर गुजरते वाहन चालक।- फोटो : Archive