संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले को पंजाब से जोड़ने वाले कैथल-पटियाला राज्यमार्ग के फोरलेन निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। वन विभाग ने इस मार्ग पर पेड़ काटने के लिए एनओसी जारी कर दी है, जिससे अब इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के निर्माण में कोई तकनीकी बाधा शेष नहीं रह गई। अब साल के अंत तक इस हाईवे का निर्माण शुरू सकता है।
वन विभाग ने एनओसी देने के लिए वैकल्पिक भूमि की मांग की थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरा करते हुए 40 एकड़ भूमि उपलब्ध करवा दी है। अब इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस स्टेट हाईवे के दोहरीकरण के लिए केंद्र सरकार ने 129.40 करोड़ रुपये का बजट पहले ही स्वीकृत कर दिया था। परियोजना को लोकसभा चुनाव 2023 से पहले मंजूरी दी गई थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण कार्य लंबित था। इस मार्ग की कुल लंबाई लगभग 65 किलोमीटर है, जिसमें कैथल से चीका तक 32 किलोमीटर का हिस्सा जिले की सीमा में आता है। गुहला हलका के 50 से अधिक गांव इस सड़क से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
बाईपास व सीधा लाभ ः परियोजना के तहत सीवन में फिरोजपुर की ओर से बाईपास भी निकाला जाएगा। फोरलेन बनने से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि इस मार्ग से जुड़े गांवों का समग्र विकास भी तेज़ी से होगा।
फिलहाल दो लेन, डीएलपी जुलाई 2026 तक
वर्तमान में यह मार्ग दो लेन का है और वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण रोजाना दुर्घटनाएं होती हैं। पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत के रूप में इस मार्ग पर दो लेन की सड़क का निर्माण करवाया था, जिसकी डीएलपी (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) जुलाई 2026 तक है। इसके बाद ही नए फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद हमने राज्य सरकार को अंतिम मंजूरी के लिए पत्र भेजा था। मौजूदा दो लेन सड़क की डीएलपी जुलाई 2026 तक है। इसके बाद फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वन विभाग की ओर से अब एनओसी मिल गई है, और राज्य सरकार ने करीब 40 एकड़ भूमि उपलब्ध करवा दी है। -वरुण कंसल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग