संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। घग्गर नदी का जलस्तर सोमवार को लगभग 14 हजार क्यूसेक पर स्थिर रहा, जो शनिवार को दर्ज जलस्तर के बराबर है। हालांकि पिछले दो-तीन दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
नदी के जलस्तर को लेकर किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। शहर के टटियाना रोड पर बने पुल पर जलस्तर में कमी दर्ज की गई।
शुक्रवार को जहां पुल पर पानी का स्तर 10 गेज था, वहीं सोमवार को यह घटकर 8.5 फीट गेज रह गया। जलधारा की तीव्रता में भी यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद पहाड़ों में हो रही भारी बारिश अब भी खतरे का संकेत दे रही है।
स्थानीय किसान और भाकियू चढूनी के सदस्य गुरजंट टटियाना, बिक्रम सिंह, सुरजीत सिंह, अमन, रवि, निर्भय और हरपाल ने चिंता जताते हुए कहा कि पहाड़ों में गिरने वाला पानी अगले दो-तीन दिनों में घग्गर नदी तक पहुंच सकता है। इससे निचले इलाकों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि समय रहते नहरों की सफाई करवाई जाए, ताकि पानी के बहाव में रुकावट न आए और बाढ़ का संकट टाला जा सके।
प्रशासन ने भी स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि यदि सतर्कता नहीं बरती गई तो पानी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
जलस्तर में उतार-चढ़ाव से कटाव का खतरा ः नदी के आसपास पहले से कटाव वाले क्षेत्रों में जलस्तर में उतार-चढ़ाव से कटाव और तेज हो सकता है। इससे न केवल खेतों को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि आसपास के घरों और संपत्तियों को भी खतरा बढ़ जाएगा। किसानों और प्रशासन दोनों की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं।