संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। खेड़ी रायवाली में पंचायती/तालाब की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मकानों को गिराने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर पहुंचे प्रशासनिक अमले को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार कैथल रविंद्र हुड्डा व बीडीपीओ ढांड जगजीत सिंह पुलिस बल के साथ जैसे ही गांव में पहुंचे, ग्रामीणों ने कैथल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से लगभग 500 मीटर की दूरी बनाए रखी।
भाकिस के प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य के नेतृत्व में गांव के सरपंच सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर कार्रवाई रोकने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा उच्च न्यायालय में तीन याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें से दो वापस ली जा चुकी हैं, जबकि तीसरी याचिका वापस लेने के लिए अर्जी दाखिल की गई है। इस पर सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित है। ग्रामीणों ने आग्रह किया कि 17 फरवरी तक कार्रवाई स्थगित रखी जाए, उसके बाद जो भी निर्णय होगा, उस पर विचार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी सूरत में अपने मकान नहीं गिराने देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें जान की कुर्बानी ही क्यों न देनी पड़े। संभावित कार्रवाई को देखते हुए ग्रामीणों ने सुबह से ही गांव के चारों ओर मोर्चाबंदी कर रखी थी। गांव के रास्तों पर ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर आवागमन बाधित कर दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले उनसे संवाद करना चाहिए। बिना पूर्व वार्ता के सीधे मकान गिराने की कार्रवाई करना उचित नहीं है।
क्या है मामला ः ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1938 में वे लाल डोरा क्षेत्र की परिधि में मकान बनाकर रहने लगे थे। वर्ष 1954 में भूमि बंदोबस्त के दौरान राजस्व अभिलेखों में त्रुटि हो गई और जहां पहले से मकान बने हुए थे, उस 47 कनाल क्षेत्र को तालाब की भूमि के रूप में दर्ज कर दिया गया। इस संबंध में गांव के पूर्व सरपंच एवं पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा वर्ष 1985 में अदालत में वाद दायर किया गया था। जुलाई 2023 में भी अदालत के आदेश पर नायब तहसीलदार ढांड गौरव शर्मा बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ विवादित मकानों को गिराने पहुंचे थे, लेकिन उस समय भी ग्रामीणों के विरोध के चलते प्रशासन को लौटना पड़ा था।
सरपंच ने बताया कि ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है कि गांव में किसी भी मकान को नहीं गिराने दिया जाएगा। ग्रामीण पंचायत विभाग में राशि जमा करवाने के लिए भी तैयार हैं, बशर्ते उनके मकान सुरक्षित रखे जाएं।
हाईकोर्ट के आदेश पर खेड़ी रायवाली में तालाब की भूमि से कब्जा हटाने की कार्रवाई के लिए टीम पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण कार्रवाई नहीं की जा सकी।
-रविंद्र हुड्डा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार कैथल
11डीएचडी01 ट्रैक्टर ट्राली से रास्ता रोक प्रशासन का विरोध करते हुए ग्रामीण 02 प्रशासन को कोसते