संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में तहसीलदारों की हड़ताल का असर लगातार दूसरे दिन भी साफ दिखाई दिया। शुक्रवार को हड़ताल के चलते तहसीलों में होने वाले महत्वपूर्ण राजस्व कार्य पूरी तरह ठप रहे। तहसील कार्यालयों में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं और आमजन अपने कार्यों के लिए इधर-उधर भटकता नजर आया।
हड़ताल के कारण तहसील परिसरों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। किसी भी काउंटर पर कामकाज नहीं हुआ, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। कई मामलों में अर्जेंट कार्य अटकने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। इंतकाल, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े मामलों का निपटारा नहीं हो सका, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यों को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों के पेन डाउन हड़ताल पर होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी छात्रों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को हुई, जिन्हें समय पर जाति व आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी।
हड़ताल के कारण जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण (इंतकाल) के मामलों में भी कोई प्रगति नहीं हो सकी। इससे रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के साथ-साथ किसान वर्ग भी प्रभावित हुआ है। कई लोगों ने बताया कि वे दूर-दराज के गांवों से खर्च कर तहसील कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन काम नहीं होने से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो गया।
लोगों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो आने वाले दिनों में राजस्व मामलों का बोझ और अधिक बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। कई नागरिकों ने बताया कि वे बार-बार तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
इससे पहले पटवारी भी हड़ताल पर बैठे थे, जिससे राजस्व कार्य पहले ही प्रभावित चल रहे हैं। जिले में कैथल, गुहला, कलायत और पूंडरी में तहसीलें हैं, जबकि राजौंद, ढांड और सीवन में उप-तहसीलें संचालित हैं, जहां प्रतिदिन राजस्व से जुड़े सैकड़ों कार्य होते हैं। हड़ताल के चलते अब तक 350 रजिस्ट्री, 1300 इंतकाल, 300 जाति प्रमाण पत्र और 350 ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र अटके हुए हैं।
एक सप्ताह से इंतकाल के लिए काट रहे चक्कर ः संदीप
शहर निवासी संदीप ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से इंतकाल के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। पहले पटवारियों की हड़ताल और अब तहसीलदारों की हड़ताल के कारण उनका काम पूरी तरह अटका हुआ है।
मुझे करानी थी रजिस्ट्री ः राजवंती
राजवंती ने बताया कि उन्हें जमीन की रजिस्ट्री करानी थी, लेकिन पिछले तीन दिनों से लगातार कार्यालय जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब तहसीलदारों की हड़ताल से परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से तहसीलदारों की मांगें जल्द पूरी करने की मांग की ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके।
दो तहसीलदारों के निलंबन के विरोध में पेन डाउन हड़ताल की जा रही है। यह हड़ताल का दूसरा दिन है। एसोसिएशन के निर्देशानुसार आगामी रणनीति तय की जाएगी। -रविंद्र हुडा, तहसीलदार