संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि वन स्कूल एप पर विद्यार्थियों का डाटा अपलोड होने के बाद ही छात्रवृत्ति की राशि जारी की जाएगी। जिले में जिन स्कूलों के पात्र विद्यार्थियों का डाटा अभी तक छात्रवृत्ति के लिए वन स्कूल एप पर अपलोड नहीं हुआ है, उनके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से तीसरी बार डाटा अपडेट करने का अवसर दिया गया है। अब विद्यालयों को 9 फरवरी तक का समय दिया गया है।
निदेशालय ने साफ किया है कि निर्धारित तिथि तक डाटा अपलोड नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। इससे पहले डाटा अपडेट करने की अंतिम तिथि 22 जनवरी निर्धारित की गई थी, लेकिन कई स्कूलों द्वारा डाटा अपलोड न किए जाने के कारण विभाग ने एक और मौका दिया है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति मिल सके, इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल मुखियाओं को एक बार फिर निर्देश जारी किए हैं। यह डाटा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग-ए तथा बीपीएल श्रेणी के पात्र विद्यार्थियों से संबंधित है। डाटा अपडेट होने के बाद ही इन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की तृतीय तिमाही की किस्त जारी की जा सकेगी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बनाए रखने और सही लाभार्थियों तक समय पर छात्रवृत्ति की राशि पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विद्यार्थियों के खाते में सीधे जाती है राशि ः छात्रवृत्ति की राशि साल में चार चरणों में विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है। इसके लिए हर वर्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर संबंधित डाटा वन स्कूल एप पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष 9 फरवरी तक हर हाल में डाटा भरना होगा, ताकि विद्यार्थियों को समय पर राशि मिल सके।
यह छात्रवृत्ति कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को दी जाती है। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार इस बार अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग-ए एवं बीपीएल श्रेणी के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तभी जारी की जाएगी, जब उनका डाटा वन स्कूल एप पर अपडेट पाया जाएगा। यदि डाटा अपडेट नहीं हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल मुखिया की होगी।
अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग-ए तथा बीपीएल श्रेणी के पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए डाटा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी स्कूल समय से पहले डाटा अपडेट करवा लें, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। -सुभाष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी