संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जीएमएस खानपुर स्कूल में भाषा उत्सव 2025 पखवाड़े के तहत छठे दिन विद्यार्थियों ने भोजन-पकवानों के 29 स्टॉल लगाकर विभिन्न राज्यों के व्यंजनों की प्रदर्शनी और बिक्री कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। हर स्टॉल किसी न किसी राज्य के विशेष पकवान को समर्पित था और बच्चों ने खुद सामान बनाकर बेचकर व्यावहारिक सीख हासिल की।
विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प्रमुख व्यंजन
अरुणाचल प्रदेश : चाऊमीन ः सीखा
तेलंगाना : बिरयानी ः प्रेरणा
हिमाचल : राजमा चावल ः काजल
उत्तर प्रदेश : चिल्ला ः रिया, लक्ष्य, मनप्रीत
बिहार : लिट्टी चोखा
हरियाणा : पकौड़ा चिल्ला ः चेतना व सोनम
हरियाणा : ब्रेड पकोड़े ः सिमरन देवी
मुंबई : गोलगप्पे ः पलक, साक्षी
मुंबई : भेलपुरी ः अनन्या, हिमांशी
महाराष्ट्र : बेल पुरी ः चारू
पंजाब : खीर ः प्रियांशी, तन्वी
महाराष्ट्र : वड़ा पाव ः गुंजन
पंजाब : छोले कुलचे ः नवजोत, रुत
मध्य प्रदेश : पोहा ः राहुल, सचिन
लखनऊ : गजरैला ः अलीशा
पंजाब : बाजरे की रोटीःमक्की दा साग ः नीतिका
राजस्थान : दाल बाटी चूरमा ः पूजा, आस्था
हरियाणा : कढ़ी चावल ः माही, मनजीत, निधि
सिक्किम : मोमोज ः ओमप्रकाश, हैप्पी
महाराष्ट्र : सैंडविच ः अनमोल, मयंक, दीपांशु
पंजाब/भारत : पापड़ ः रचना, वर्तिका
महाराष्ट्र : गोलगप्पे ः संदीप
भारत : मैगी ः सुखविंदर की टीम
कार्यक्रम में सभी विद्यार्थी अपने-अपने राज्य की ड्रेस पहनकर और राज्यों के लोकप्रिय व्यंजन प्रस्तुत करके पहुंचे, जिससे स्कूल परिसर में एक मिनी भारत जैसा माहौल बन गया।
बच्चों में आत्मनिर्भरता का संचार : डीडीओ हरपाल सिंह
स्कूल डी.डी.ओ. हरपाल सिंह ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि स्कूली स्तर पर बच्चों द्वारा सामान बनाकर बेचने की कला सीखना उनके भविष्य में रोजगार का माध्यम भी बन सकता है। गतिविधि के दौरान सबसे अधिक कमाई करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर घोषित किया गया।
स्कूल संचालिका रेखा देवी ने भी बच्चों के प्रयासों की प्रशंसा की और उनकी उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राथमिक स्कूल हेड परवीन कौशिक ने कहा कि बच्चों का यह हुनर सराहनीय है और ऐसे आयोजन उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।