संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरोही स्कूल ग्योंग में कार्यरत हिंदी प्राध्यापक डॉ विजय चावला ने बताया कि उन्होंने दीक्षा पोर्टल पर ‘ई-कचरे के पर्यावरणीय खतरे थीम’ पर आधारित ऑनलाइन कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। इस कोर्स में उन्होंने 204 स्कोर प्राप्त कर भारत में प्रथम स्थान पाया है। डॉ चावला ने बताया कि यह कोर्स ई-वेस्ट यानी पुराने या अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को समझाने के लिए बनाया गया है। यह कोर्स हमें बताता है कि मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, बैटरी आदि से निकलने वाली भारी धातुएँ और रसायन मिट्टी, हवा और पानी को प्रदूषित कर देते हैं। अनियमित जलाने, तोड़ने-काटने या फेंकने से सीसा, पारा, कैडमियम जैसे तत्त्व मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं। कोर्स में यह भी समझाया गया है कि ई-वेस्ट का सही प्रबंधन जैसे रीसाइक्लिंग, पुनः उपयोग, मरम्मत, सुरक्षित संग्रहण—कैसे पर्यावरण संरक्षण में मदद करता है। साथ ही इस कोर्स में ई-वेस्ट से पर्यावरण को होने वाले खतरों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया है।