संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला प्रशासन ने किच्छाना गांव की महिला सरपंच सुमन को पद से हटा दिया है। आरोप है कि वह सरपंच पद के साथ-साथ आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्य कर रही थी और दोनों पदों से मानदेय प्राप्त कर रही थी।
ग्राम पंचायत विभाग को इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद महिला सरपंच को जवाब देने के लिए सात दिन का नोटिस जारी किया गया लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब न मिलने पर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि महिला सरपंच वास्तव में दोनों विभागों से मानदेय ले रही थी। डीडीपीओ कैथल की ओर से खंड बीडीपीओ को जांच सौंपी गई थी, जिसकी रिपोर्ट में भी यह तथ्य सही पाया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर महिला को सरपंच पद से हटा दिया।डीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि महिला को एक पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। विभागीय कार्रवाई के तहत उसे सरपंच पद से हटा दिया गया है।
बहुमत वाले पंच को सरपंच नियुक्त करने के लिए कहा
कैथल। प्रशासन ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि किच्छाना गांव के पंचों में से बहुमत वाले पंच को नया सरपंच नियुक्त किया जाए, ताकि ग्राम पंचायत का कामकाज बाधित न हो और विकास कार्य सुचारु रूप से चलते रहें। इस संदर्भ में डीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि इस संबंध में विभाग के पास शिकायत आई थी। जांच में पाया गया कि महिला दोनों जगह से मानदेय ले रही है। संवाद