संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। तितरम मोड़ से शहर के अंबाला नाका तक करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों खस्ताहाल हालत में है। जगह-जगह गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को सफर के दौरान जोरदार झटके लग रहे हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों और दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की अनदेखी के चलते लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई, जिससे लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। यह सड़क शहर की मुख्य सड़कों में से एक है, जो चंडीगढ़–हिसार नेशनल हाईवे से सीधे शहर में प्रवेश करती है। इसी मार्ग से सैकड़ों वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। खराब सड़क से वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं समय की भी भारी बर्बादी हो रही है।
नाराज लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। हैरानी की बात यह है कि इसी सड़क पर बस अड्डा भी स्थित है। बस अड्डे के ठीक सामने गहरे गड्ढे बने हुए हैं। विभाग की ओर से केवल पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जो एक सप्ताह के भीतर ही उखड़ जाता है। इससे रोडवेज बस चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इस मार्ग से रोजाना रोहतक, जींद, भिवानी, हांसी, हिसार, फतेहाबाद, नरवाना, सिरसा, चंडीगढ़, अंबाला और गुहला चीका के लिए बसें गुजरती हैं। खराब सड़क के कारण न केवल बसों को नुकसान हो रहा है, बल्कि यात्रियों का समय भी बर्बाद हो रहा है। राहगीरों ने मांग की है कि सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाए, ताकि गड्ढों से निजात मिले और लोगों का सफर सुरक्षित हो सके।
सिविल अस्पताल, अतिरिक्त अनाज मंडी और न्यू रेलवे हॉल्ट तक पहुंचना मुश्किल
इस सड़क पर सिविल अस्पताल, अतिरिक्त अनाज मंडी और न्यू रेलवे हॉल्ट स्थित हैं। सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीज आते हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण अस्पताल तक पहुंचना मरीजों के लिए मुश्किल है। एक सप्ताह पहले प्योदा रोड के पास बाइक पर पीछे बैठी एक महिला गहरे गड्ढे में गिरने से घायल हो गई थी। महिला गांव सिसमौर की रहने वाली थी और बुखार की दवा लेने अपने बेटे के साथ अस्पताल जा रही थी। खस्ताहाल सड़क के कारण एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में जहां पहले पांच मिनट लगते थे, वहीं अब 10 मिनट का समय लग रहा है। धान के सीजन में किसानों को भी भारी दिक्कत झेलनी पड़ी। कई बार धान से भरी ट्रालियां पलट चुकी हैं।
ई-रिक्शा पलटा, तीन लोग घायल ः संजू
कसान निवासी संजू ने बताया कि तितरम मोड़ पर सड़क के बीचों-बीच गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इनके कारण अक्सर ई-रिक्शा और अन्य वाहन पलट जाते हैं। चार दिन पहले ई-रिक्शा चालक को तेज ब्रेक लगानी पड़ी, जिससे रिक्शा पलट गया। हादसे में चालक समेत तीन सवारियां घायल हो गईं।
पैचवर्क से नहीं मिलेगा समाधान ः मंजीत
तितरम निवासी मंजीत ने बताया कि इस सड़क से मंत्री, विधायक और बड़े अधिकारी भी गुजरते हैं। उनके आने की सूचना मिलते ही गड्ढों को भरने के लिए पैचवर्क शुरू कर दिया जाता है, लेकिन उनके गुजरते ही कुछ घंटों में सड़क फिर उखड़ जाती है। ईंटों के रोड़े और मिट्टी डालकर केवल खानापूर्ति की जाती है।
तितरम मोड़ तक सड़क पर पैचवर्क कराया जा रहा है। साथ ही सड़क के नए सिरे से निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं आने दी जाएगी और सड़क का समुचित सुधारीकरण किया जाएगा।
-सुरेंद्र, कार्यकारी अभियंता-लोक निर्माण विभाग