संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। गुहला तहसील इन दिनों लावारिस हालत में पहुंच चुकी है। यहां तहसीलदार से लेकर रजिस्ट्री क्लर्क तक के प्रमुख पद खाली पड़े हैं। अपने कार्यों के संबंध में तहसील कार्यालय पहुंचने वाले नागरिकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
18 फरवरी 2025 को गुहला तहसील के रजिस्ट्री क्लर्क को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि यह रिश्वत तहसीलदार के कहने पर ली गई थी। इसके बाद तहसीलदार तत्काल प्रभाव से छुट्टी पर चले गए और तब से यह पद रिक्त है।
पिछले नौ महीनों से नायब तहसीलदार बंसीलाल यहां का कार्य देख रहे थे, लेकिन पिछले महीने उनका भी तबादला हो गया। दोनों पदों के खाली होने से तहसील के रजिस्ट्री सहित सभी कार्य पूरी तरह ठप पड़े हुए हैं। इसी बीच यहां तैनात रजिस्ट्री क्लर्क भी लंबी छुट्टी पर चले गए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।
रोजमर्रा के कार्य ठप, वसीका नवीस और टाइपिस्ट खाली बैठे ः तहसीलदार और नायब तहसीलदार दोनों के अभाव में रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं। इसके चलते वसीका नवीस, स्टांप विक्रेता और टाइपिस्ट जैसे दर्जनों लोग बेरोजगारी की स्थिति में हैं।
चीका निवासी अवतार सिंह, रिकू, अशोक, कुलविंद्र सिंह और लीला राम ने बताया कि गुहला तहसील में अब कोई काम नहीं हो रहा। इससे जहां सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं आम जनता भी परेशान है।
लोगों ने कहा कि नौ महीने तक तहसीलदार का पद खाली रहना सरकार और प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि गुहला तहसील में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। सरकार ने पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली की शुरुआत कर दी है लेकिन यहां यह दूर की कौड़ी है।
गुहला तहसील में तहसीलदार का पद रिक्त है। नायब तहसीलदार का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था, लेकिन वे भी छुट्टी पर हैं। रजिस्ट्री क्लर्क एडिशनल चार्ज पर है और वह भी अवकाश पर चल रहा है। ऐसे में सोमवार को गुहला तहसील में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली के पहले दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। -कैप्टन प्रमेश सिंह, एसडीएम गुहला
पहले दिन नहीं हुई
एक भी रजिस्ट्री
प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली के पहले दिन चीका में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। कारण- तहसीलदार, नायब तहसीलदार और रजिस्ट्री क्लर्क के पद खाली होना तथा वेबसाइट का तकनीकी रूप से न चलना बताया जा रहा है। लोगों ने कहा कि यदि साइट चालू भी हो जाए, तो भी अधिकारी न होने के कारण रजिस्ट्रियां नहीं की जा सकेंगी।