संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बालू बिढाण पट्टी गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। गलियों व नालियों में गंदगी के ढेर लगे हैं और नालियां जाम पड़ी हैं। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से नहीं निभा रहे। इस संबंध में जब बीडीपीओ से बातचीत की गई तो वे बोले- जांच कराएंगे।
समाजसेवी गुरुदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने 16 नवंबर 2024 को बीडीपीओ को शिकायत दी थी कि सफाई कर्मियों से गांव की सफाई करवाने के बजाय ग्राम पंचायत सदस्य अपने घरों में काम करवा रहे हैं। उनकी शिकायत पर बीडीपीओ ने 17 दिसंबर 2024 को निर्देश जारी किए थे कि कर्मचारियों से केवल गांव की गलियों और नालियों की सफाई ही करवाई जाए, किसी के निजी कार्य नहीं।
गुरुदेव सिंह ने बताया कि एक साल बीत जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। गांव की गलियां गंदगी से भरी पड़ी हैं, लोग मजबूरी में खुद सफाई करने को विवश हैं। उन्होंने कहा। ग्रामीण अब इस मामले की शिकायत उपायुक्त और मुख्यमंत्री से करने की तैयारी में हैं।
इस संदर्भ में गांव बालू बिढाण पट्टी के सरपंच के प्रतिनिधि एडवोकेट साहिल का कहना है कि गांव में दो सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। एक महिला व एक पुरुष। महिला सफाई कर्मचारी की आयु 70 वर्ष की हो चुकी है और उससे जितना कार्य बनता है वह करती हैं। किसी भी सफाई कर्मी से ग्राम पंचायत का कोई भी सदस्य अपने घरों में कार्य नहीं लेता है।
सरपंच के प्रतिनिधि एडवोकेट साहिल ने कहा कि गांव में दो सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं—एक पुरुष और एक महिला। महिला सफाई कर्मचारी की उम्र 70 वर्ष है और वे जितना संभव होता है, काम करती हैं। किसी भी सफाई कर्मी से ग्राम पंचायत सदस्य घरों में कार्य नहीं करवाते।
मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। मामला मेरे संज्ञान में नहीं था, अब इसकी जांच करवाई जाएगी। सफाई कर्मचारी गांव की सफाई के लिए ही नियुक्त हैं और उन्हें अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभानी चाहिए। -रितु शर्मा, बीडीपीओ