संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नागरिक अस्पताल में करीब चार साल पहले कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है। करीब तीन साल से यह चल नहीं पा रहा है। ऐसे में यह ऑक्सीजन प्लांट मरीजों के किसी काम नहीं आ रहा है।
इस प्लांट को ठीक करवाने के लिए अस्पताल प्रबंधन भी आला अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुका है। बावजूद इसके इसे ठीक करने की कोई जहमत नहीं उठाई जा रही है। इस प्लांट खराब होने की स्थिति में इस बीच जरूरत पड़ने पर मरीजों को सिलिंडर के माध्यम से आक्सीजन उपलब्ध करवाई जा रही है।
वर्ष 2021 में शुरू किया गया था प्लांट ः स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात अक्तूबर 2021 को आक्सीजन प्लांट शुरू किया गया था। इसके माध्यम से प्रति मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन अस्पताल को मिल पा रही थी। शुरुआत में तो इसे चलाया गया, लेकिन बाद में इसे चलाना बंद कर दिया गया। इसके बाद से यह प्लांट बंद पड़ा है।
जिला नागरिक अस्पताल में कोरोना महामारी के समय शुरू किए गए ऑक्सीजन प्लांट को ठीक करवाने के लिए आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। इस समय ऑक्सीजन प्लांट की अधिक जरूरत भी नहीं है। इस कारण भी आला अधिकारियों की ओर से इसे संचालन को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई है। जैसे ही इसकी जरूरत पड़ेगी तो इसे ठीक करवा शुरू करवाया जाएगा। - सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
फ्रांस से आई लिथोट्रिप्सी मशीन भी न हो सकी ठीक
वहीं, जिला नागरिक अस्पताल में वर्ष 2019 में फ्रांस से लाई गई तीन करोड़ 40 लाख की लिथोट्रिप्सी मशीन भी पिछले तीन साल से खराब पड़ी हुई है। मशीन के खराब होने से बिना चीर-फाड़ किए होने वाले पथरी के ऑपरेशन की सुविधा काफी लंबे समय से बंद है। इस मशीन से अब तक सिर्फ करीब 100 ऑपरेशन ही हो पाए हैं। गौरतलब है कि इस मशीन के माध्यम से लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में 20 से 22 हजार रुपये खर्च कर ऑपरेशन करवाना पड़ रहा है, जबकि सरकारी अस्पताल में यह निशुल्क होते थे।