संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। 100-100 गज के प्लाट का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। नववर्ष पर हरियाणा भर से पहुंचे साधुओं ने डेरा बाबा राजपुरी बाबा लदाना के महंत दूजपुरी के नेतृत्व में कैथल जिला सचिवालय में धरना शुरू कर दिया।
साधुओं का कहना था कि ग्रामीणों के आपसी विवाद में 80 साल के साधु को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि प्रशासन चाहे किसी को प्लाट दे या न दे, हमें इस विवाद से दूर रखा जाए।
पुलिस द्वारा इस मामले में एक पक्ष की तरफ से बाबा गुलशन पुरी सहित कुछ ग्रामीणों पर पूंडरी थाने में एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी कार्रवाई के विरोध में साधु आज जिला सचिवालय पहुंचे।
बाबा दूजपुरी महंत ने कहा कि पाई के निकट पहले बडारा थेह गांव हुआ करता था। बाद में इस गांव की जमीन पाई व पूंडरी में विभाजित कर दी गई। खेड़े के नाम की लाल डोरे के करीब 13 एकड़ जमीन थी, जिसे विवेकानंद संत ने समतल करके खेती योग्य बनाया। वर्तमान में गुलशनपुरी बाबा महंत 70 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं।
महंत ने बताया कि कुछ समय पहले गांव वालों ने गौशाला के लिए जमीन मांगी थी, जिसे बाबा ने दान में दे दी। इसी जमीन पर इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत प्लॉट भी काटे गए थे, जिनका मामला डी.सी. कार्यालय में भी चला था। उन्होंने कहा कि अगर प्लाट किसी का है तो तहसीलदार या प्रशासन दें। हमें या बाबा गुलशनपुरी को कोई एतराज नहीं है। हमारी केवल यह मांग है कि हमारे नाम को मामले से अलग रखा जाए और डेरे की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
एसपी उपासना ने बताया कि साधु उनसे मिले और अपनी बात रखी। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि यदि साधु बेकसूर हैं, तो पुलिस कुछ नहीं कहेगी।