संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। मानसून में डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में कई निजी लैब संचालक जांच के नाम पर मनमाने शुल्क वसूलते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब में डेंगू की एलिसा एनएस-1 जांच के लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। जिले में अब तक डेंगू के चार मरीज सामने आ चुके हैं।
चीका में एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने निजी अस्पतालों में निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। कहा कि यदि कोई शिकायत मिली तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आमजन को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान भी चला रहा है।
एसडीएम ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में डेंगू जांच नि:शुल्क की जा रही है और भर्ती मरीजों को प्लेटलेट्स मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि किसी मरीज को निजी अस्पताल से प्लेटलेट्स लेनी पड़ती हैं, तो खर्च का भुगतान सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि मानसून में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार का खतरा रहता है। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लक्षणों व बचाव के उपायों की जानकारी दे रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की एसएमओ डॉ. प्रीति सिंगला ने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि किसी भी लक्षण के मिलने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करानी चाहिए। निजी लैब में डेंगू जांच के लिए 600 रुपये से अधिक शुल्क लेने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बीमारी की जानकारी, सुझाव या शिकायत के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया जा सकता है।
डेंगू के लक्षण
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तेज बुखार
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सिर व आंखों के पीछे दर्द
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शरीर पर गुलाबी चकते
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उल्टी, जी मितलाना
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मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
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मसूड़ों या नाक से खून आना
मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी बुखार के लक्षण भी बताए
कैथल। एसएमओ डॉ. प्रीति सिंगला ने मच्छरजनित बीमारियों के लक्षणों की जानकारी देते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि डेंगू संक्रमित मादा एडिज एजिप्टाई मच्छर के काटने से फैलता है। वहीं मलेरिया में आमतौर पर ठंड लगकर कंपकपी के साथ बुखार आता है, जो पसीने के साथ उतरता है। इसके साथ शरीर में दर्द, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत भी देखी जाती है।
उन्होंने बताया कि चिकनगुनिया के लक्षणों में अचानक ठंड लगकर बुखार आना, जोड़ों में अत्यधिक दर्द और अकड़न, सिरदर्द, उल्टी और शरीर पर चकते उभरना प्रमुख होते हैं। वहीं, जापानी बुखार के मामले में अचानक तेज बुखार, उल्टियां, जोड़ों में अत्यधिक दर्द, शरीर में झटके (दौरे) आना और हलचल के दौरान शरीर में अकड़न महसूस होना जैसे लक्षण सामने आते हैं। डॉ. सिंगला ने कहा कि इन बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता बनाए रखना, मच्छर जनित स्थलों को खत्म करना और समय पर चिकित्सा परामर्श लेना बेहद जरूरी है। संवाद
मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय
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घर व आसपास पानी जमा न होने दें।
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प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाएं। कूलर, फूलदान, जानवरों के बर्तन, हौदी आदि को सुखाकर पानी भरें।
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अनुपयोगी कूलर को रगड़कर साफ करें और सुखाकर रखें।
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गड्ढों को मिट्टी से भरें या उनमें काला तेल डालें।
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पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें।
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खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं।