26केएलटी1: गंदे पानी से लबालब वार्ड 6,7 की नई बनी गली
- फोटो : मृतका- रोली ।
कलायत। बड़ी चौपाल से सजूमा रोड़ को जोडऩे वाली गली में जमा सीवरेज का गंदा पानी लोगों के लिए भारी समस्या बना है। गली में गंदा पानी जमा होने के कारण से यहां रहने वाले लोग तो प्रभावित हैं ही साथ ही श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं। इस मुख्य गली में ग्यारह रुद्री शिव मंदिर के अलावा बसंती माता का मंदिर भी है जिनमें श्रद्धालुओं की सुबह से ही भारी भीड़ पहुंचती है।
रणबीर सिंह, प्रदीप, मुकेश, शिशपाल, ऋषिपाल, मोहित, रामपाल शर्मा आदी का कहना है कि पहले तो बिना जरूरत के नगरपालिका द्वारा बनाने के नाम पर गली को उखाड़ कर रख दिया। करीब तीन माह तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब जब यह मुख्य गली बन गई तो इसमें सीवरेज का पानी निकलने का नाम ही नहीं ले रहा। सीवरेज बंद होने के कारण मैनहोल में से गंदा पानी बैक मार कर गली में लगातार जमा हो रहा है। रामपाल शर्र्मा ने कहा कि इस गली में मां बसंती और ग्यारह रुद्री मंदिर भी विद्यमान हैं जिनमें सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। कीचड़ से लबालब गली से गुजर कर मंदिर तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को भारी कष्ट का सामना करना पड़ रहा है।
बसंती माता वाली यह गली कलायत की राजपूत बड़ी चौपाल को सजूमा रोड़ से जोड़ने वाली मुख्य गली है जिसमें भारी संख्या में वाहनों का आवागमन बना रहता है। शीतल सिंह राणा, तेजपाल राणा आदी ने कहा कि इस गली से पानी की आगे कोई निकासी न होने के कारण गंदा पानी गली में ही खड़ा है और सीवरेज बंद हैं। इन हालातों में इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों और आने जाने वाले वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जनस्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बंद सीवरेज को तत्काल प्रभाव से खुलवाने के लिए विभाग संजीदा कार्यवाही करे ताकि लोगों को राहत मिल सके।
विभाग का यह है कहना
इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता रवि पूनिया ने कहा कि वार्ड 6 व 7 के क्षेत्र में अधिकांश पशुपालक रहते हैं। ये पशु पालक अपने पशुओं का गोबर सीवरेज में ही बहा देते हैं। जिसके चलते इस क्षेत्र में सीवरेज जाम हो जाता है। पूरे कलायत नगर में ये दो वार्ड ही ऐसे हैं जहां सीवरेज के जाम कर समस्या रहती है। उन्होंने कहा कि बार-बार विभाग इस क्षेत्र में जागरूकता अभियान चला चुका है और कई लोगों को नोटिस भी दे चुका है उसके बावजूद भी स्थिति में सुधार नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग के कर्मचारी सुबह से ही बंद सीवरेज को खोलने में लगे हैं, इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सीवरेज में पशुओं का गोबर न बहाएं।