संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में लिथोट्रिप्सी मशीन के खराब होने के कारण लंबे समय से पथरी के ऑपरेशन होना बंद हैं। मरीजों का सवाल है कि आखिर कब ठीक होगी यह मशीन। पिछले साल 2022 की अक्तूबर से इसे दुरुस्त करने की कवायद की जा रही है पर अब तक नतीजा सिफर है। इसे लेकर अफसर भी बेपरवाह लग रहे हैं।
गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में तीन सालों से खराब पड़ी लिथोट्रिप्सी मशीन पुर्जा जर्मनी से मंगवाया गया था पर उसके न आने से यह चालू न हो सकी। इस कारण पथरी के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। जिला अस्पताल में यह सुविधा मुफ्त है और निजी अस्पतालों में 20 से 25 हजार रुपये फीस है। मशीन खराब होने से पथरी के मरीज परेशान हो रहे हैं।
अब मशीन का निर्माण करने वाली कंपनी नहीं, बल्कि किसी दूसरी कंपनी से इस मशीन को ठीक करवाने को लेकर जानकारी ली जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने एक कंपनी को इसे ठीक करवाने के लिए पत्र भेजा है। अब इस कंपनी के माध्यम से इस मशीन को ठीक करवाने के लिए बजट की जानकारी ली जाएगी।
निर्माण करने वाली कंपनी ने मांगें थे 20 लाख, बजट है 10 लाख रुपये का
जिस कंपनी से लिथोट्रिप्सी मशीन को खरीदा गया था। उस कंपनी ने इस मशीन को ठीक करने के लिए 20 लाख रुपये का बजट मांगा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास इस मशीन को ठीक करवाने के लिए महज 10 लाख रुपये का ही बजट है। दरअसल, इस मशीन के कुछ पार्ट्स आने हैं। ऐसे अब इसके पार्ट्स को लेकर दूसरी कंपनी से जानकारी मांगी जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल में पड़ी लिथोट्रिप्सी मशीन को ठीक करने के लिए दूसरी कंपनी को पत्र लिखा गया है। यदि यह कंपनी इसके पार्ट्स देगी तो इसे ठीक करवाया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद मरीजों को इसका लाभ मिल पाएगा।
डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन