फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: ईरान से युद्ध का असर चावल के कारोबार पर

Tue, 03 Mar 2026 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। अमेरिका-इस्राइल और ईरान में जारी युद्ध का असर अब चावल उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। जिले से इजराइल को सीधे तौर पर सीमित मात्रा में निर्यात होता है, लेकिन वैश्विक व्यापार और शिपिंग मार्गों में आई अनिश्चितता का प्रभाव स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है।

कैथल हरियाणा का प्रमुख धान उत्पादक और चावल निर्यात केंद्र माना जाता है। यहां से बासमती चावल के अलावा अन्य किस्में खाड़ी देशों और यूरोप तक निर्यात की जाती हैं। व्यापारियों के अनुसार मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ी अस्थिरता के कारण शिपमेंट, भुगतान और ऑर्डर की गति प्रभावित हुई है।
विज्ञापन


पिहोवा रोड स्थित चावल व्यापारी अमित बंसल ने बताया कि इस्राइल स्वयं बड़ा आयातक नहीं है, लेकिन युद्ध के चलते पूरे क्षेत्र का व्यापारिक माहौल प्रभावित हुआ है। बंदरगाहों पर चावल की खेप फंसी होने से निर्यातकों की पेमेंट भी अटक रही है। उनका कहना है कि यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो निर्यात ऑर्डर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर धान खरीद और मिलिंग का कार्य सामान्य रूप से जारी है, लेकिन निर्यातकों में सतर्कता बढ़ गई है।

चावल व्यापारी आनंद ने कहा कि फिलहाल सीधे तौर पर बड़े नुकसान की स्थिति नहीं है, लेकिन यदि युद्ध का दायरा बढ़ता है तो मांग और सप्लाई चेन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारी दिनेश ने बताया कि भारत का बासमती चावल मुख्य रूप से सऊदी अरब, ईरान, इराक और यूएई जैसे देशों में निर्यात होता है। यदि क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है तो इन प्रमुख बाजारों में भी मांग पर असर पड़ सकता है।
विज्ञापन


जनता मार्केट के दुकानदार विपिन ने कहा कि व्यापारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार की निर्यात नीति और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। व्यापारियों को उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे और निर्यात गतिविधियां पटरी पर लौटेंगी। इस समय वैश्विक बाजार में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ताजा हालात में इन इलाकों से व्यापार बंद है। इस ताजा उथल-पुथल का असर चावल निर्यातकों खासकर बासमती निर्यातकों के कारोबार पर पड़ा है। बंदरगाहों पर चावल की खेप फंसी हुई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें