कैथल। गांव दाबन खेड़ी में नशा तस्करों के मकान व एक पशुबाड़े पर कड़े विरोध के बावजूद बुधवार को आखिर प्रशासन का बुलडोजर चल ही गया। प्रशासन के अनुसार, आरोपियों ने यह मकान और पशुबाड़ा नशा तस्करी की कमाई से बनाया था। जब ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम पर पथराव कर दिया तो मजबूरन पुलिस को भी लाठीचार्ज करना पड़ा। जैसे ही पुलिस वालों ने लाठियां भांजीं तो विरोध कर रहे ग्रामीण खेतों से भाग निकलने को मजबूर हो गए। इस बीच कई के शरीर पर पुलिस की लाठियां चटकीं तो उनकी चीख निकल गई।
गौरतलब है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए एसडीएम गुहला रोहित कुमार की कोर्ट से 18 अक्तूबर को नोटिस जारी किया गया था। आदेश पर अमल करने के लिए प्रशासनिक अमला पुलिस के साथ बुधवार को गांव दाबन खेड़ी पहुंच गया। वहां कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इस बीच गुहला के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बातचीत की लेकिन अफसरों ने कार्रवाई से पीछे हटने से मना कर दिया। इस बीच डीएसपी ने पूर्व विधायक की गाड़ी को बुलडोजर के आगे से हटवाया। विधायक ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कहा कि वे एक दिन का नोटिस देने के बाद मकान गिराने के लिए आ गए थे। इस मामले में मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी।
दूसरी ओर आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए, जिन्हें भारी पुलिस बल की सहायता से नियंत्रित किया गया। रोती-बिलखती महिलाओं व बच्चों के बीच ही मकान को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। महिलाओं ने प्रशासन के आगे हाथ जोड़कर कहा कि इसके बदले दूसरी जमीन दें देगे, मकान को न तोड़ें, लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी। उधर, नशा तस्करी का आरोपी सेवा सिंह भी अपने मकान को टूटता देख खुद को रोक नहीं पाया। वह मकान के तीसरी मंजिल के ऊपर चढ़ गया और मकान से पहले उस पर बुलडोजर चलाने की बात कही।
डीएसपी रविंद्र सांगवान ने पुलिस कर्मियों को ऊपर भेजा व स्वयं भी सीढ़ी पर चढ़कर आरोपी सेवा सिंह को पकड़कर नीचे उतारा। वहीं वहां पर उपस्थित कई ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लग गए। महिलाओं ने बिलखते हुए कहा कि यह मकान कमाई से बनाया है। दिनरात मेहनत करते हैं। आरोपी सेवा सिंह अपने मकान के बाहर खेतों में बने शौचालय को हाथ जोड़कर न तोड़ने की अपील करता रहा, लेकिन प्रशासन ने शौचालय को भी नहीं छोड़ा और तोड़ दिया। इस बीच ग्रामीणों ने बुलडोजर के टायर में पंचर कर दिया। ड्राइवर पर पथराव कर दिया। ड्राइवर खेतों से बुलडोजर को लेकर भगाने लगा, तो डीएसपी रविंद्र सांगवान ने पुलिस ग्रामीणों को वहां से खदेड़ने के आदेश दिए और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान हल्की चोटें भी लगी व कई ग्रामीण मकान के आसपास खेतों में गिर गए।
जिले में पहली बार प्रशासन ने गिराया नशा तस्करों का मकान
बता दें कि पहली बार प्रशासन ने नशा तस्करों का मकान गिराया है। पुलिस ने गुहला क्षेत्र के अब 39 दुष्चरित्र व्यक्तियों की सूची बनाई है। इनकी संपत्ति की जांच की जा रही है। लोगों का मानना है कि नशा तस्करी करने वाले मकानों के गिराने से नशा तस्करी में रोक लग सकती है। दरअसल, गुहला क्षेत्र में सबसे ज्यादा नशा तस्करी की बात कही जाती है। दूसरी ओर ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, साहब सिंह के पास पांच कनाल जमीन है, जबकि सेवा सिंह ने दो हजार गज में मकान बनाया हुआ था। साहब सिंह की जमीन उसके पिता ने ही खरीदी थी। साहब सिंह के परिवार में दो बेटे व दो लड़कियां व सेवा सिंह के घर में पांच सदस्य रहते है। सेवा सिंह, उसकी पत्नी, उसके दो बेटे व एक बेटे की पत्नी रहती है।
साहब सिंह पर एनडीपीएस एक्ट का दर्ज मामले-
पहला केस 17 नंबर- 11 जून 1966
दूसरा केस 130 नंबर- 28 जुलाई 2015
तीसरा केस 122 नंबर- 10 अगस्त 2017
चौथा केस 65 नंबर- 14 जून 1994
पांचवा केस 334 नंबर- 29 अक्टूबर 1987
सेवा सिंह पर एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले-
पहला केस 18 नंबर- 25 मार्च 2017
दूसरा केस 16 नंबर- तीन फरवरी 2014
तीसरा केस 37 नंबर- 30 मार्च 2021
चौथा केस 24 नंबर- 06 अप्रैल 1978
एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि दाबन खेड़ी निवासी सेवा सिंह व साहब सिंह अवैध नशे के कारोबार से जुड़े हुए हैं। साहब सिंह पर नशा तस्करी के पांच व सेवा सिंह पर नशा तस्करी के चार मामले दर्ज हैं। दूसरी ओर पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी नशा तस्करी के चलते वे जेल में भी जा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी उनमें कोई सुधार नहीं आया। बीडीपीओ गुहला की शिकायत पर प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
22-कैथल। गांव दाबन खेड़ी में पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन द्वारा पशु बाड़ा गिरवाते हुए प्रश?- फोटो : Kaithal
29-कैथल। मकान की उपर वाली मंजिल पर चढ़ कर आत्मदाह की कोशिश करने वाले आरोपी सेवा सिंह को पकड़ते पुलि?- फोटो : Kaithal
30-कैथल। मकान की उपर वाली मंजिल पर चढ़े सेवा सिंह को नीचे उतरवाते डीएसपी रविंद्र सांगवान।- फोटो : Kaithal