संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इस बार मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को चौका दिया है। मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन सूरज के तेवर तेज होने लगे हैं। जिले में गर्मी ने समय से पहले दस्तक
दे दी है, जिससे जनजीवन प्रभावित
होने लगा है।
मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 18.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। आमतौर पर मार्च के शुरुआती दिनों में मौसम सुहावना रहता है और हल्की ठंडक बनी रहती है, लेकिन इस वर्ष स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत देखने को मिल रही है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश के अनुसार जिस तरह की गर्मी अभी महसूस की जा रही है, ऐसी तपिश सामान्यतः अप्रैल के मध्य या अंत में देखने को मिलती थी। तापमान में अचानक आई 5 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज धूप के कारण लोग अब सूती कपड़े पहनने और ठंडे पेयों का सहारा लेने लगे हैं। सुबह 11 बजे के बाद ही धूप इतनी तेज हो जाती है कि बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं रात में कई घरों में पंखे भी चलने लगे हैं।
सावधान रहने की सलाह : डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के कारण वायरल संक्रमण और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खान-पान में सावधानी बरतें और अधिक से अधिक पानी पिएं।
कृषि विशेषज्ञ बोले- समय से पहले पक सकती है फसल
राजौंद। तापमान में अचानक आई बढ़ोतरी का असर फसलों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं की फसल समय से पहले पक सकती है। इससे दानों का आकार छोटा रह सकता है और पैदावार पर भी असर पड़ सकता है।
कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए 2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करने की सलाह दी है। 2 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट को 100 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ फसल पर छिड़काव किया जा सकता है। तेज हवा के दौरान सिंचाई न करने और खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखने की भी सलाह दी है। संवाद