गुहला-चीका। चीका का पंचायत कार्यालय इस समय सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहा है। कार्यालय में कर्मचारियों की तो भारी कमी है ही, साथ ही बार बार बीडीपीओ के बदलने से भी काम प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार चीका कार्यालय में 27 फरवरी से लेकर 28 अक्तूबर 2024 तक मात्र आठ माह में सात बीडीपीओ अपना तबादला करवा चुके है। कार्यालय में अधिकारी के न होने से जहां ग्रामीण विकास के काम ठप होकर रह गए हैं वहीं अपने निजी कामों को लेकर कार्यालय में आने वाले लोगों को भी मायूस होकर लौटना पड़ रहा है और उनमें सरकार के प्रति रोष पनप रहा है।
सरपंचों में भी बढ़ रही है नाराजगी
बार बार बीडीपीओ का तबादला होने पर खंड गुहला के सरपंचों में भी नाराजगी बढ़ रही है। सरपंच कुलदीप सिंह हंसू माजरा, दिल्लू राम बदसुई, सरपंच प्रतिनिधि हरदीप खराल, कर्मजीत भाटियां, भूपेंद्र टटियाणा ने बताया कि स्थाई बीडीपीओ के न होने से पंचायतों का कोई काम नहीं हो रहा।
सरपंचों ने मुख्यमंत्री से चीका में स्थाई बीडीपीओ लगाने की मांग की है। पंचायतों को ग्रांट जारी ना करने पर भी सरपंचों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। सरपंचों ने बताया कि प्रदेश में पंचायतों को गठन हुए दो साल हो चुके हैं लेकिन विकास कार्यों के लिए मात्र एक बार ग्रांट जारी की गई है। सरपंचों ने कहा कि पैसा न होने की वजह से गांवों के विकास नहीं हो रहे हैं।
इन तारीखों को हुआ बीडीपीओ का तबादला
चीका कार्यालय में 27 फरवरी 2024 से 29 फरवरी 2024 तक सिर्फ दो दिनों के लिए समीता पुंजे बीडीपीओ के पद पर रही। इसके बाद 6 मार्च 2024 से 12 मार्च 2024 तक मात्र 7 दिनों तक विशाल बजवाना बीडीपीओ रहे। इसके बाद 13 मार्च 2024 से 18 अप्रैल 2024 तक लगभग सवा माह के लिए समीता पुंजे दूसरी बार बीडीपीओ रही।
इसके बाद 18 अप्रैल 2024 से 17 जून 2024 तक दो माह के लिए जगजीत सिंह बीडीपीओ रहे। इसके बाद 18 जून 2024 से 8 जुलाई 2024 तक मात्र बीस दिनों के लिए समीता पुंजे को तीसरी बार चीका का बीडीपीओ लगाया गया।
इसके बाद 8 जुलाई 2024 से 22 अगस्त 2024 तक डेढ़ माह के लिए जगजीत सिंह दूसरी बार बीडीपीओ रहे। इसके उपरांत 22 अगस्त 2024 से 28 अक्तूबर 2024 तक सीवन की बीडीपीओ नेहा शर्मा को चीका कार्यालय का अतिरिक्त चार्ज दिया गया। इस प्रकार से मात्र आठ माह के समय में यहां से सात बीडीपीओ के तबादले हुए।
जानकारी के अनुसार पिछले दिनों समिता पुंजे ने चौथी बार चीका में बीडीपीओ का पद संभाला है लेकिन वे आठ नवंबर तक छुट्टी पर रहेंगी।
85 कर्मचारियों का काम देख रहे हैं मात्र 18 कर्मचारी-
चीका बीडीपीओ कार्यालय में ग्राम सचिव सहित कुल 85 कर्मचारियों के पद सृजित हैं लेकिन पिछले लंबे समय से यहां पर बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। गुहला चीका खंड के लिए ग्राम सचिवों के कुल 70 पद सृजित है लेकिन पिछले लंबे समय से यहां पर मात्र 13 ग्राम सचिव सभी 66 पंचायतों को काम देख रहे है। इसी प्रकार से कार्यालय में स्टेनो, सहायक, सहायक सामान्य, लेखाकर के एक एक पद खाली पड़े हैं। पटवारी के दो पद, सेवादार के तीन पद व माली का भी एक पद खाली पड़ा है।
वर्जन-
अधिकारियों के तबादले की बात मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जो भी बीडीपीओ बदले गए है, इसमें सरकार की मंजूरी होती है। चीका में अब समिता पुंजे को स्थाई बीडीपीओ लगाया गया है और उन्होंने चार्ज संभाल लिया है। विभाग को काफी नए कर्मचारी मिले हैं, जिनमें से कई सारे ज्वाइन कर चुके हैं। जल्द ही कर्मचारियों की कमी भी दूर हो जाएंगी।
कंवर दमन सिंह, डीडीपीओ कैथल।