संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कमाई के लिए युवाओं में विदेश जाने की होड़ की वजह से मुख्य डाकघर में बने पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदनों की संख्या साल भर के भीतर एकाएक बढ़ गई। यह आंकड़ों की जुबानी है। पिछले एक साल में ही अकेले कैथल जिले के छह हजार से अधिक लोगों ने पासपोर्ट बनवाए हैं।
गौरतलब है कि अंबाला, करनाल और चंडीगढ़ में भीड़ के चलते पंजाब के युवा भी अब कैथल में पासपोर्ट बनवाने के लिए आ रहे हैं। इतना ही नहीं पंजाब के साथ दिल्ली और चंडीगढ़ के युवा भी यहां अप्वाइंटमेंट लेते हैं। ऐसे में जिले के पासपोर्ट कार्यालय में भीड़ बढ़ी है।
सेवा केंद्र के अधिकारियों के अनुसार इस समय कैथल स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में प्रति महीने औसतन 400 से 500 पासपोर्ट बन रहे हैं। जबकि कैथल में बने सेवा केंद्र में पिछले एक वर्ष में करीब 14 हजार नए पासपोर्ट बने हैं। इसमें से 40 प्रतिशत युवाओं के है।
कैथल सेवा केंद्र में बनते हैं दो प्रकार के पासपोर्ट ः कैथल स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में दो प्रकार के पासपोर्ट बनाए जाते हैं। इसमें एक नया और दूसरा वैलिडिटी बढ़ाने वाला। अधिकारियों के अनुसार 40 प्रतिशत तक नए पासपोर्ट बन रहे हैं जबकि तत्काल पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया देश की राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ में ही होती है। यह सेवा केवल इन दो राज्यों में ही लोगों को दी जा रही है।
विदेश में जाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने से पासपोर्ट अधिक बन रहे
पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, विदेश जाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने से ही पासपोर्ट बनवाने में तेजी आई है। ज्यादातर युवाओं की यह सोच है कि यहां तो रोजगार नहीं है। ऐसे में वे बेरोजगारी होने के चलते विदेश में अपने भविष्य को संवारने की भागदौड़ में लग जाते हैं। यदि वे विदेश में जाकर मजदूरी भी करते हैं तो रुपये के डालरों में होने के चलते उसे अच्छा रुपया कमाने का लालच रहता है।
समाज की आम मान्यता है कि ज्यादातर युवा सोचते हैं कि वे विदेश जाकर अच्छी कमाई कर सकेंगे और अपने परिवार का गुजारा चला सकेंगे। दरअसल, ज्यादातर युवाओं का मानना है कि यहां काम तो है पर कमाई कम है वहीं विदेश में कमाई ज्यादा। उनका कहना है कि पासपोर्ट बनवाना हर आदमी का अधिकार है। पहले यह रुझान पंजाब में ज्यादा था, लेकिन पंजाब से बॉर्डर सटा होने के कारण कैथल और कुरुक्षेत्र में भी यह चलन बढ़ रहा है।
देश के युवाओं को विदेश जाने की होड़ अब एक आम विषय बन गया है। इसे देखते हुए अब हर कोई अपना पासपोर्ट बनवा रहा है। देखने को मिलता है कि पासपोर्ट बनवा कर केवल 10 से 20 प्रतिशत लोग ही घूमने जाते हैं। कोई हनीमून के लिए जा रहा है तो कोई किसी कंपनी के टूर पर जा रहा है, लेकिन ज्यादातर युवा अपने काम के लिए विदेश में जा रहें हैं। कैथल स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में वर्ष 2024 की जनवरी से लेकर दिसंबर तक छह हजार से अधिक पासपोर्ट बनाए गए हैं। जबकि इस केंद्र में करीब 14 हजार पासपोर्ट बनाए गए हैं। -संजय सोनी, पोस्टमास्टर व पासपोर्ट सेवा केंद्र अधिकारी, कैथल।