संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। त्योहारों के सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मिलावटखोरी पर रोक लगाने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विभाग की टीम ने शहर की विभिन्न दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की। टीम ने खोया, चमचम, पनीर व मिल्क केक सहित कुल 6 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे हैं।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन चहल ने बताया कि एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप न बनने या बेचने वाले उत्पादों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि विशेष तौर पर बाहर से सप्लाई होने वाले मावे और तैयार मिठाइयों पर विभाग की पैनी नजर है। टीम हर जगह एफएसएसएआई लाइसेंस की जांच कर रही है। खराब गुणवत्ता के मावे से मिठाई तैयार करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे मिठाई और दुग्ध उत्पाद खरीदते समय जांच-परख जरूर करें, ताकि उनके स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
मिलावटी मिठाई की पहचान ऐसे करें
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रंग जांचें : मिठाई का छोटा टुकड़ा पानी में डालें। अगर पानी का रंग पीला या गुलाबी हो जाए, तो समझें उसमें हानिकारक रंग मिलाया गया है।
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झाग पर ध्यान दें : अगर पानी में झाग उठे, तो मिठाई में मिलावट की संभावना है।
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तेल की परत : पानी की सतह पर तेल की परत दिखे, तो इसमें वनस्पति या अन्य तेल मिला हो सकता है।
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आग से जांच : मिठाई का टुकड़ा आग पर रखें- असली मिठाई धीरे-धीरे पिघलेगी और तुरंत नहीं जलेगी।